








ध्वस्तीकरण और समतलीकरण के नाम पर मानक से ज्यादा गहरी खुदाई कर उपखनिज निकाले जाने की शिकायतों के बीच एसडीएम के छापे के बाद आज यूसीएफ महाप्रबंधक ने किया सोयाबीन काम्पलैक्स परिसर का निरीक्षण!
अब विभागीय जांच कमेटी गठित कर की जायेगी अनियमितताओं की जांच, अनियमितता पाए जाने की दशा में दिए कार्रवाई के संकेत!
हल्दूचौड़। सोयाबीन एवं वनस्पति कॉम्प्लेक्स में चल रहे ध्वस्तीकरण कार्य के दौरान जमीन की खुदाई और मलबे के निस्तारण को लेकर उठे सवालों के बीच शनिवार को यूसीएफ के महाप्रबंधक त्रिभुवन सिंह रावत ने प्रबंधक त्रिलोचन पाठक के साथ परिसर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर निर्धारित मानक से अधिक गहरी खुदाई पाए जाने की बात यूसीएफ अधिकारियों ने स्वयं स्वीकार की है। मामले में अब विभागीय जांच कमेटी गठित की जाएगी।
ध्वस्तीकरण स्थल पर जमीन की गहराई तक खुदाई और इससे निकल रही सामग्री को लेकर पिछले दिनों सवाल उठे थे। मामला मीडिया में प्रमुखता से सामने आने के बाद यूसीएफ प्रबंधन ने मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत में महाप्रबंधक त्रिभुवन सिंह रावत और प्रबंधक त्रिलोचन पाठक ने माना कि खुदाई कुछ स्थानों पर मानक से अधिक गहरी पाई गई है। अधिकारियों के इस स्वीकारोक्ति के बाद अब ध्वस्तीकरण कार्य के दौरान हुई खुदाई की परिस्थितियों और उससे निकली सामग्री के संबंध में जांच की जाएगी।
प्रबंध निदेशक ने बताया कि मामले की जांच के लिए विभागीय जांच कमेटी गठित की जाएगी। कमेटी ध्वस्तीकरण से जुड़े टेंडर की शर्तों, मौके की स्थिति और खुदाई से निकलने वाली सामग्री समेत विभिन्न पहलुओं की जांच करेगी।
उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।उन्होंने बताया कि ध्वस्तीकरण के दौरान निकल रहे मलबे और अन्य सामग्री को परिसर से बाहर ले जाने की प्रक्रिया पर भी निगरानी रखी जा रही है। मौके पर तैनात अवर अभियंता को सामग्री की आवाजाही पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है। संबंधित अभिलेखों की जांच और मौके पर उपलब्ध सामग्री के मिलान के बाद ही उसे परिसर से बाहर ले जाने की अनुमति दिए जाने की बात कही गई है।
जांच में यह भी देखा जाएगा कि ध्वस्तीकरण के दौरान कितनी मात्रा में मलबा और अन्य सामग्री निकली तथा उसका निस्तारण टेंडर एवं निर्धारित नियमों के अनुरूप हुआ या नहीं।
हालांकि यूसीएफ प्रबंधक त्रिलोचन पाठक ध्वस्तीकरण कार्य में किसी भी तरह की अनियमितता से इनकार करते रहे हैं। उनका कहना है कि कार्य विधिवत टेंडर प्रक्रिया के तहत कराया जा रहा है और पूरी प्रक्रिया नियमानुसार है।
किंतु एसडीएम के छापे के बाद एम डी के निर्देशों के क्रम में महाप्रबंधक त्रिभुवन रावत के आज के निरीक्षण में अब मानक से अधिक गहरी खुदाई पाए जाने की यूसीएफ अधिकारियों की स्वीकारोक्ति के बाद मामले की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अतिरिक्त खुदाई किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किसी नियम या निर्धारित शर्त का उल्लंघन हुआ या नहीं।
मीडिया में मामला उठने के बाद यूसीएफ के शीर्ष अधिकारियों के मौके पर पहुंचने और विभागीय जांच की घोषणा को मामले में सामने आए सवालों पर पहली बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

