अमृतपुर-डहरा गौला नदी में पिकनिक के नाम पर अराजकता, नशाखोरी से दूषित हो रहा हल्द्वानी की प्यास बुझाने वाला पानी।
दर्पण न्यूज 24/7 हल्द्वानी। पहाड़ों की शांत वादियों में बहने वाली गौला नदी इन दिनों सुकून की जगह अराजकता का अड्डा बनती जा रही है। मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में बाहरी लोग अमृतपुर और डहरा क्षेत्र की गौला नदी में पहुंच रहे हैं, लेकिन पिकनिक और मौज-मस्ती के नाम पर यहां जो तस्वीर सामने आ रही है, उसने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
नदी किनारों पर दिनभर वाहनों की कतारें लग रही हैं। तेज संगीत, शराबखोरी और खुलेआम नशे का दौर चल रहा है। हालत यह है कि कुछ लोग नदी के बीच बैठकर शराब पीते नजर आ रहे हैं, तो कुछ वाहन किनारे खड़े कर हुड़दंग मचा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन की ढिलाई के चलते ऐसे तत्वों के हौसले बुलंद हैं और क्षेत्र का माहौल लगातार बिगड़ता जा रहा है।
सबसे गंभीर बात यह है कि जिस गौला नदी के पानी से हल्द्वानी शहर की बड़ी आबादी की जलापूर्ति होती है, उसी नदी को लोग गंदगी और नशे की बोतलों से प्रदूषित कर रहे हैं। प्लास्टिक, शराब की खाली बोतलें और खाने-पीने का कचरा नदी किनारे बिखरा पड़ा दिखाई दे रहा है।
पीपुल्स फॉर एनिमल्स से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता दीपक नौगाई ने चिंता जताते हुए कहा कि नदी क्षेत्र में लगातार बढ़ रही भीड़ और नशाखोरी भविष्य में बड़े हादसों को न्योता दे रही है। उन्होंने बताया कि हर वर्ष गौला नदी में डूबने की घटनाएं सामने आती हैं, बावजूद इसके प्रशासन कोई ठोस कदम उठाता नजर नहीं आता।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं की गई तो गौला नदी पर्यटन और पिकनिक के नाम पर अराजक तत्वों का स्थायी ठिकाना बन जाएगी। लोगों ने पुलिस प्रशासन से नदी क्षेत्र में नियमित गश्त, नशाखोरी पर कार्रवाई और बाहरी तत्वों की निगरानी बढ़ाने की मांग की है, ताकि पर्यावरण और जनसुरक्षा दोनों को बचाया जा सके।
