

एमबीपीजी में आर्यन की जीत ने भाजपा-कांग्रेस दोनों को दिया संदेश!
राजनीतिक दिग्गजों की सक्रियता के बीच निर्दलीय ने मारी बाजी, एबीवीपी तीसरे पायदान पर!
हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव का अध्यक्ष पद इस बार महज छात्र राजनीति का मुकाबला नहीं रहा। एबीवीपी और एनएसयूआई के प्रत्याशियों के पीछे भाजपा-कांग्रेस के नेताओं की सक्रियता के बीच निर्दलीय आर्यन बेलवाल ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज कर दोनों राजनीतिक खेमों के लिए एक अलग संदेश जरूर छोड़ दिया। अंतिम परिणाम में आर्यन को 1723 वोट, एनएसयूआई के मेहुल शाह को 1257 और एबीवीपी के धीरज बिष्ट को 988 वोट मिले।
चुनाव की खास बात यह रही कि अध्यक्ष पद पर मुकाबला त्रिकोणीय होने के बावजूद आर्यन ने दोनों प्रमुख छात्र संगठनों के प्रत्याशियों को पीछे छोड़ दिया। मतगणना के शुरुआती दौर से ही आर्यन बढ़त बनाए हुए थे और अंतिम दौर में भी यह बढ़त कायम रही। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार 18 राउंड में मतगणना पूरी हुई।
राजनीतिक समर्थन के बीच निर्दलीय की दस्तक!
चुनाव प्रचार के दौरान एबीवीपी प्रत्याशी धीरज बिष्ट के समर्थन में भाजपा नेताओं की सक्रियता और एनएसयूआई प्रत्याशी मेहुल शाह के समर्थन में कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी ने मुकाबले को राजनीतिक रंग दे दिया था। ऐसे माहौल में किसी राजनीतिक संगठन के अधिकृत प्रत्याशी के बजाय निर्दलीय प्रत्याशी का अध्यक्ष बनना छात्र मतदाताओं के रुझान का महत्वपूर्ण पहलू रहा।
आर्यन की जीत को केवल भाजपा या कांग्रेस के खिलाफ वोट के रूप में देखना हालांकि उचित नहीं होगा। छात्रसंघ चुनाव में स्थानीय छात्र मुद्दे, प्रत्याशी की व्यक्तिगत पकड़, संगठनात्मक समीकरण और समर्थकों की सक्रियता भी परिणाम को प्रभावित कर सकती है। फिर भी परिणाम ने यह जरूर दिखाया कि बड़े राजनीतिक संगठनों से जुड़े छात्र संगठनों के सामने निर्दलीय प्रत्याशी भी मजबूत चुनौती खड़ी कर सकता है।
एबीवीपी की हैट्रिक पर फिर ब्रेक!
आर्यन की जीत के साथ एबीवीपी अध्यक्ष पद पर लगातार तीसरी जीत की हैट्रिक नहीं बना सकी। इस चुनाव में एबीवीपी प्रत्याशी धीरज बिष्ट 988 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
यह परिणाम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि एमबीपीजी में अध्यक्ष पद पर संगठन बनाम संगठन की लड़ाई के बजाय इस बार निर्दलीय प्रत्याशी ने दोनों प्रमुख छात्र संगठनों को पीछे छोड़ दिया।
कॉलेज की नई छात्रसंघ टीम
अध्यक्ष पद पर आर्यन बेलवाल के साथ नई छात्रसंघ में सार्थक रस्तोगी सचिव, पूरन सिंह मेवाड़ी उपाध्यक्ष, दीपा रैकुनी उपाध्यक्ष छात्रा, रिषिका सिंह संयुक्त सचिव, अक्षिता आर्या कोषाध्यक्ष, चंद्रकांत सांस्कृतिक सचिव और यतिन पांडे विश्वविद्यालय प्रतिनिधि निर्वाचित हुए हैं। इसके अलावा कला संकाय प्रतिनिधि अदिति पाठक, विज्ञान संकाय प्रतिनिधि कोमल आर्या और वाणिज्य संकाय प्रतिनिधि आयुष माहेश्वरी निर्वाचित हुए।
शक्ति प्रदर्शन से परिणाम तक गरमाया माहौल
मतदान के दौरान कॉलेज के आसपास समर्थकों के जुलूस और शक्ति प्रदर्शन से माहौल लगातार गर्म रहा। विभिन्न प्रत्याशियों के समर्थकों के आमने-सामने आने और नारेबाजी के बीच पुलिस को स्थिति संभालनी पड़ी। मतदान के दौरान तनाव की सूचनाओं के बीच सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई थी।
एमबीपीजी में कुल 12,800 विद्यार्थी मतदाता थे, जिनमें 4,063 ने मतदान किया, यानी करीब 31.74 प्रतिशत मतदान हुआ।
नतीजे का सबसे बड़ा संदेश यही है कि एमबीपीजी की छात्र राजनीति में इस बार संगठन से ज्यादा प्रत्याशी की अपनी पकड़ और चुनावी समीकरण चर्चा के केंद्र में रहे। आर्यन बेलवाल की जीत ने छात्र राजनीति के मैदान में निर्दलीय विकल्प की ताकत जरूर सामने ला दी है।
