- साइबर ठगी के पीड़ितों को बड़ी राहत, अब घर बैठे वापस मिलेगा होल्ड हुआ पैसा!
- दर्पण न्यूज 24/7 ब्यूरो देहरादून। साइबर अपराध के शिकार लोगों को अब अपनी होल्ड (फ्रीज) कराई गई धनराशि वापस पाने के लिए विभिन्न कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। गृह मंत्रालय के अंतर्गत इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (आई4सी) ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल (एमआरएम) पोर्टल शुरू किया है, जिसके माध्यम से पीड़ित स्वयं ऑनलाइन रिफंड के लिए आवेदन कर सकेंगे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ उत्तराखंड ने बताया कि साइबर धोखाधड़ी के पीड़ितों को शीघ्र राहत पहुंचाने और उनकी होल्ड कराई गई धनराशि को वापस दिलाने के उद्देश्य से यह नई पारदर्शी डिजिटल व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत पात्र पीड़ित घर बैठे ही अपनी रिफंड रिक्वेस्ट दर्ज कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि एमआरएम पोर्टल का लाभ केवल उन लोगों को मिलेगा जिन्होंने साइबर ठगी की शिकायत समय रहते एनसीआरपी पोर्टल या 1930 हेल्पलाइन पर दर्ज कराई हो तथा जिनकी धनराशि अपराधियों के बैंक खातों में होल्ड कराई जा चुकी हो। जिन मामलों में आरोपी रकम निकाल चुके हैं, उनमें यह सुविधा लागू नहीं होगी।
एसएसपी एसटीएफ के अनुसार यदि किसी एक बैंक खाते में 50 हजार रुपये तक की राशि होल्ड है तो रिफंड के लिए एफआईआर या न्यायालय के आदेश की आवश्यकता नहीं होगी। वहीं कुल होल्ड राशि 50 हजार रुपये से अधिक होने पर भी यदि वह अलग-अलग खातों में होल्ड है और किसी एक खाते में 50 हजार रुपये से अधिक नहीं है, तब भी केवल पुलिस रिपोर्ट के आधार पर धनराशि वापस की जाएगी।
हालांकि किसी एक बैंक खाते में 50 हजार रुपये से अधिक की राशि होल्ड होने की स्थिति में एफआईआर दर्ज होना अनिवार्य होगा। इसके बाद पीड़ित एमआरएम पोर्टल के माध्यम से रिफंड प्रक्रिया आगे बढ़ा सकेंगे।
पोर्टल पर आवेदन के लिए शिकायतकर्ता को अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से लॉगिन करना होगा। 14 अंकों की शिकायत आईडी दर्ज करने पर होल्ड राशि स्वतः प्रदर्शित होगी। इसके बाद पैन कार्ड अपलोड कर बैंक खाता विवरण और आईएफएससी कोड दर्ज करना होगा। आवेदन जमा करने पर एक यूनिक रिक्वेस्ट आईडी जारी होगी, जिससे आवेदन की स्थिति की निगरानी की जा सकेगी।
पुलिस द्वारा आवश्यक सत्यापन और बीएनएसएस की धारा 106(3) के तहत विधिक प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद संबंधित बैंक सीधे पीड़ित के खाते में धनराशि वापस भेज देगा।
एसएसपी एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है। रिफंड के नाम पर किसी भी बिचौलिए या अज्ञात व्यक्ति को पैसा न दें तथा केवल अधिकृत पोर्टल का ही उपयोग करें। किसी भी तकनीकी समस्या की स्थिति में नजदीकी थाना या साइबर सेल से सहायता ली जा सकती है।
उन्होंने साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करने तथा www.cybercrime.gov.in� पर शिकायत दर्ज कराने की भी अपील की, ताकि समय रहते धनराशि को होल्ड कराया जा सके।
