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प्राधिकरण में शामिल नए ग्रामीण इलाकों पर होगा पुनर्विचार: मुख्यमंत्री धामी।
पच्छयाण महोत्सव में कालाढूंगी क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत का संकेत, ग्रामीणों ने फैसले का किया स्वागत।

दर्पण न्यूज 24/7 के लिए विशेष संवाददाता धर्मेन्द्र शर्मा की रिपोर्ट।
कोटाबाग |
कोटाबाग में रविवार को आयोजित पहाड़ पच्छयाण महोत्सव में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीणों को बड़ी राहत का संकेत देते हुए कहा कि प्राधिकरण में शामिल किए गए नए ग्रामीण क्षेत्रों पर पुनर्विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री का यह बयान कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत द्वारा ग्रामीणों की समस्याएं उठाए जाने के बाद आया।
मुख्यमंत्री ने मंच से स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों की परिस्थितियां शहरी इलाकों से अलग होती हैं और प्राधिकरण के दायरे में आने से आम ग्रामीणों को भवन निर्माण, मरम्मत और अन्य कार्यों में अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार जनहित को सर्वोपरि रखते हुए इस विषय पर गंभीरता से विचार करेगी।
कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत ने कहा कि जिन इलाकों को प्राधिकरण में शामिल किया गया है, वे पूरी तरह ग्रामीण प्रकृति के हैं। यहां रहने वाले लोग सीमित संसाधनों में जीवन यापन करते हैं। प्राधिकरण के नियमों के चलते उन्हें नए नक्शे, शुल्क और अनुमतियों के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विधायक ने इन क्षेत्रों को प्राधिकरण से मुक्त करने की मांग रखी।
गौरतलब है कि शासन स्तर से पूर्व में नैनीताल जिले में हल्द्वानी–रामनगर मुख्य मोटर मार्ग के पूरे क्षेत्र को प्राधिकरण में शामिल करने का आदेश जारी किया गया था। इसके तहत—
खुटानी से धानाचूली-भटेलिया तक मुख्य मार्ग के दोनों ओर 200 मीटर क्षेत्र,
कालाढूंगी बैलपड़ाव छौई क्षेत्र,
रामनगर–मोहान और रामनगर–पीरुमदारा मुख्य मार्ग,
काठगोदाम–हैड़ाखान मार्ग के दोनों ओर 200 मीटर क्षेत्र,
भीमताल से सटे जंतवाल गांव,
कैंचीधाम में निर्माण कार्यों को नियंत्रित करने हेतु 2 किमी परिधि क्षेत्र
को प्राधिकरण के दायरे में लाया गया था।
मुख्यमंत्री के पुनर्विचार के आश्वासन के बाद स्थानीय ग्रामीणों में खुशी की लहर देखी गई। लोगों ने कहा कि यदि ग्रामीण इलाकों को प्राधिकरण से बाहर किया जाता है तो इससे आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा, निर्माण संबंधी अड़चनें दूर होंगी और अनावश्यक खर्च से राहत मिलेगी। महोत्सव में मौजूद लोगों ने मुख्यमंत्री के फैसले का तालियों के साथ स्वागत किया।
पच्छयाण महोत्सव के मंच से मुख्यमंत्री का यह बयान न केवल कालाढूंगी बल्कि पूरे नैनीताल जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए राहत और उम्मीद का संदेश लेकर आया है। अब सबकी निगाहें सरकार के आगामी फैसले पर टिकी हैं, जिससे ग्रामीणों को वास्तविक राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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