सरकारी दावों के उलट रसोई गैस का संकट गहराया, एजेंसियों पर लंबी कतारें — कालाबाजारी पर सीएम योगी सख्त!
दर्पण न्यूज 24/7 ब्यूरो, लखनऊ।
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच देश में रसोई गैस को लेकर संकट की स्थिति बनती नजर आ रही है। सरकार द्वारा गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता के दावों के बावजूद उत्तर प्रदेश के कई जिलों में उपभोक्ताओं को गैस के लिए लंबी-लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। लखनऊ सहित कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ रही है।
राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार, आलमबाग, राजाजीपुरम, अलीगंज और कमांडर रोड जैसे इलाकों में एजेंसियों के बाहर सैकड़ों मीटर लंबी लाइनें देखी गईं। कई जगह उपभोक्ता सुबह 6 बजे से ही खाली सिलेंडर लेकर कतार में लग गए, लेकिन उन्हें 4 से 5 घंटे इंतजार के बाद सिलेंडर मिल पाया।
कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
प्रदेश में गैस की किल्लत और कालाबाजारी की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी पर कड़ी कार्रवाई करने तथा आपूर्ति व्यवस्था की 24 घंटे निगरानी रखने के आदेश दिए हैं। प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए और अवैध बिक्री पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
कई जिलों में हंगामा और विवाद
गैस सिलेंडर को लेकर प्रदेश के कई जिलों में विवाद और हंगामे की घटनाएं भी सामने आई हैं। बाराबंकी में गैस एजेंसी पर लाइन में आगे-पीछे होने को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट हो गई। मोदीनगर में सिलेंडर से भरा ट्रक पहुंचते ही लोगों की भीड़ टूट पड़ी और कालाबाजारी के आरोप लगाते हुए हंगामा किया गया। वहीं महराजगंज में सिलेंडर न मिलने से नाराज लोगों ने नौतनवा-गोरखपुर मार्ग पर जाम लगा दिया, जिसे बाद में पुलिस ने समझा-बुझाकर खुलवाया।
कई जिलों में सुबह से लग रही कतारें
प्रयागराज, कानपुर, अयोध्या, रायबरेली, देवरिया और शाहजहांपुर समेत कई जिलों में गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहीं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बुकिंग कराने के बावजूद समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा। लोगों का यह भी कहना है कि कुछ जगहों पर सिलेंडर ब्लैक में 1500 से 2000 रुपये तक में बेचे जा रहे हैं।
जनजीवन पर भी पड़ने लगा असर
गैस की कमी का असर अब आम जनजीवन पर भी दिखाई देने लगा है। शाहजहांपुर में 10 रुपये में भोजन उपलब्ध कराने वाली ‘परी आपकी रसोई’ को गैस आपूर्ति रुकने के कारण अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। वहीं मेरठ में हॉस्टल के छात्रों की भोजन व्यवस्था प्रभावित होने पर संचालक को घर से खाना बनवाकर छात्रों तक पहुंचाना पड़ा।
प्रदेश में गैस की किल्लत और बढ़ती शिकायतों के बीच अब प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती आपूर्ति व्यवस्था को सामान्य बनाए रखना और कालाबाजारी पर अंकुश लगाना बन गई है।
