स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और गैस किल्लत पर सदन में गरजे सुमित हृदयेश!
कैथ लैब में देरी, आयुष्मान योजना और गोल्डन कार्ड की खामियों पर सरकार को घेरा!
दर्पण न्यूज 24/7 ब्यूरो, हल्द्वानी।
उत्तराखंड विधानसभा में हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली, आयुष्मान योजना की खामियों और एलपीजी गैस की किल्लत का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि पर्वतीय और दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के कारण लोगों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है, जिससे कई लोगों की जान तक चली जा रही है।
विधायक ने अल्मोड़ा की जिला पंचायत अध्यक्ष स्व. श्रीमती बिष्ट के असमय निधन का जिक्र करते हुए कहा कि उचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध न होना प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने सरकार से ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की मांग की।
सदन में सुमित हृदयेश ने हल्द्वानी में प्रस्तावित कैथ लैब के निर्माण में हो रही देरी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कई विधानसभा सत्रों में विभागीय मंत्री द्वारा कैथ लैब जल्द स्थापित किए जाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक इसका निर्माण शुरू नहीं हो सका है।
इसके साथ ही उन्होंने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के गोल्डन कार्ड के तहत इलाज न मिलने की समस्या को गंभीर बताते हुए कहा कि यह पेंशनभोगियों के साथ अन्याय है। आयुष्मान योजना के तहत इलाज से पहले विभिन्न जांचों के नाम पर गरीब मरीजों से पैसे वसूले जाने पर भी उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई और मांग की कि योजना के अंतर्गत सभी जरूरी जांचें भी पूरी तरह निशुल्क कराई जाएं।
विधायक ने युवाओं के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए हल्द्वानी में फॉरेन लैंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने की मांग भी सदन में रखी, ताकि प्रदेश के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
इस दौरान एलपीजी गैस की किल्लत का मुद्दा भी सदन में उठा। इस विषय को लेकर कांग्रेस के सभी विधायकों ने सदन में धरना देते हुए सरकार से आम जनता को तत्काल राहत देने की मांग की। सुमित हृदयेश ने कहा कि महंगाई और आवश्यक सेवाओं की कमी से आम जनता पहले ही परेशान है, ऐसे में गैस की किल्लत ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। उन्होंने सरकार से गैस आपूर्ति व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त करने और आम जनता को राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
