

कुमाऊं दिवस समारोह में जुटे पूर्व सैनिक, लालकुआं की सियासत में सुरेंद्र लोटनी की सक्रियता के भी निकाले जा रहे मायने!
हल्दूचौड़ में सैन्य गौरव, एकजुटता और भाईचारे का संदेश; आगामी विधानसभा चुनाव से जोड़कर भी देखी जा रही आयोजन में स्थानीय नेतृत्व की भूमिका!
दर्पण न्यूज 24/7 | लालकुआं।
कुमाऊं रेजिमेंट की गौरवशाली सैन्य परंपराओं, शौर्य और बलिदान को समर्पित कुमाऊं दिवस समारोह हल्दूचौड़ स्थित मां वैष्णो गार्डन बैंक्वेट हॉल में उत्साह और गरिमा के साथ आयोजित किया गया। समारोह में विभिन्न सैन्य पृष्ठभूमियों से जुड़े पूर्व सैनिकों ने सहभागिता कर आपसी मेल-मिलाप, एकता और सैन्य गौरव का संदेश दिया। वहीं, आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आयोजन में स्थानीय निकाय अध्यक्ष एवं पूर्व सैनिक सुरेंद्र सिंह लोटनी की भूमिका को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
समारोह की अध्यक्षता कैप्टन मदन सिंह राठौड़ और कैप्टन पुष्कर सिंह भंडारी ने की जबकि जनरल इंदर सिंह बोरा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों ने एक मंच पर एकत्र होकर अपने सैन्य जीवन के अनुभवों, संस्मरणों और आपसी संबंधों को साझा किया। आयोजन का उद्देश्य विभिन्न रेजिमेंटों से जुड़े पूर्व सैनिकों के बीच संवाद, परिचय और भाईचारे को मजबूत करना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से में मेजर कुंवर सिंह, सूबेदार कुंवर सिंह, कैप्टन कविंद्र सिंह, सूबेदार राम सिंह, कैप्टन कृपाल सिंह, प्रकाश चंद, कैप्टन खिलाफ सिंह धुन, कैप्टन प्रकाश चंद्र, हवलदार कैलाश बिरखानी, एसएम हवलदार शेखर उप्रेती, एसएम कैप्टन हरिकिशन, कैप्टन धर्म सिंह रमोला, हवलदार नंदन राणा, नायक गोपाल नेगी, नायक भुवन भट्ट और नायक हरीश डसीला सहित अन्य पूर्व सैनिकों के नाम शामिल हैं। पूर्व अध्यक्ष बंशीधर पांडे का नाम भी आयोजन से संबंधित जानकारी में सामने आया है।
समारोह के आयोजन में लालकुआं क्षेत्र के स्थानीय निकाय अध्यक्ष एवं पूर्व सैनिक सुरेंद्र सिंह लोटनी के सहयोग का उल्लेख किया गया। पूर्व सैनिक होने के नाते सैन्य समुदाय से उनका जुड़ाव और स्थानीय निकाय की जिम्मेदारी उन्हें क्षेत्र में एक विशिष्ट पहचान प्रदान करती है। ऐसे में पूर्व सैनिकों से जुड़े इस आयोजन में उनकी भूमिका को सामाजिक और राजनीतिक, दोनों नजरियों से देखा जा रहा है।
हालांकि, समारोह का घोषित उद्देश्य पूर्व सैनिकों को एक मंच पर लाना और सैन्य परंपराओं का सम्मान करना था। इसे सीधे चुनावी शक्ति प्रदर्शन कहना उचित नहीं होगा। लेकिन आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीतिक चर्चाओं में यह सवाल जरूर उठ रहा है कि क्या सुरेंद्र लोटनी अपनी सामाजिक सक्रियता और क्षेत्रीय संपर्क को भविष्य में व्यापक राजनीतिक भूमिका में बदलने की संभावनाएं तलाश रहे हैं?
लालकुआं विधानसभा क्षेत्र में आगामी चुनाव को लेकर संभावित दावेदारों और राजनीतिक समीकरणों पर नजर रखी जा रही है। ऐसे में सुरेंद्र लोटनी की सक्रियता भी चर्चा का विषय बन सकती है। पूर्व सैनिकों के बीच उनकी पहचान, स्थानीय निकाय में उनकी भूमिका और क्षेत्रीय स्तर पर जनसंपर्क उनकी संभावित राजनीतिक दिशा के आकलन के महत्वपूर्ण पहलू होंगे।
फिलहाल कुमाऊं दिवस समारोह ने सैन्य गौरव और सामाजिक एकजुटता के साथ लालकुआं की सियासत में संभावनाओं पर चर्चा का अवसर भी दिया है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि सुरेंद्र सिंह लोटनी की सक्रियता सामाजिक आयोजनों तक सीमित रहती है या वह आगामी विधानसभा चुनाव में भी अपनी भूमिका को लेकर कोई बड़ा कदम उठाते हैं।
दर्पण न्यूज 24/7
