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पर्यटन, किसान और युवाओं पर फोकस, लोकलुभावन नहीं सुधारों वाला बजट!
निर्मला सीतारमण ने पेश किया लगातार रिकॉर्ड 9वां बजट, ‘विकसित भारत’ की दिशा में बड़ा रोडमैप!
दर्पण न्यूज 24/7 ब्यूरो नई दिल्ली।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करते हुए लोकलुभावन घोषणाओं से दूरी बनाए रखी और सुधारों की ‘एक्सप्रेस’ को आगे बढ़ाने का ऐलान किया। बजट का ताना-बाना तीन प्रमुख कर्तव्यों—आर्थिक वृद्धि को गति देना, जनता की आकांक्षाओं को पूरा करना और ‘सबका साथ, सबका विकास’—के इर्द-गिर्द बुना गया है।
इस बजट में पर्यटन, किसानों, युवाओं, एमएसएमई और बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर दिया गया है। आयकर की दरों और संरचना में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
पूंजीगत व्यय में बढ़ोतरी, विनिर्माण को बल
सरकार ने पूंजीगत व्यय बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा है, जो चालू वित्त वर्ष में 11.2 लाख करोड़ रुपये था। विनिर्माण क्षेत्र को गति देने के लिए प्रौद्योगिकी उन्नयन और उत्पादन आधारित पहलों को बढ़ावा दिया जाएगा।
‘विकसित भारत’ के लिए बैंकिंग सुधार
वित्त मंत्री ने ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साधने के लिए बैंकों को भविष्य के लिए तैयार करने हेतु उच्चस्तरीय समिति के गठन का प्रस्ताव रखा। साथ ही एमएसएमई और नवाचार को मजबूती देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के विकास कोष की घोषणा की गई।
किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस
बजट में किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से उच्च मूल्य वाली खेती को बढ़ावा दिया गया है।
नारियल, कोको, काजू, चंदन जैसी फसलों को प्रोत्साहन, तटीय क्षेत्रों में मत्स्य मूल्य शृंखला को मजबूत करने, स्टार्टअप्स और महिला-नेतृत्व वाले समूहों को किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) से जोड़कर बाजार से जोड़ने के प्रस्ताव किए गए हैं।
राजकोषीय घाटा और कर्ज पर नियंत्रण
सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटा 4.3% पर लाने का लक्ष्य रखा है, जो चालू वर्ष के अनुमान से कम है।
कर्ज-जीडीपी अनुपात को भी घटाकर लगभग 53.6% पर लाने का रोडमैप पेश किया गया है।
सीमा शुल्क और कर सुधार
सीमा शुल्क विवादों को सुलझाने के लिए विश्वास आधारित पूर्वनिर्धारित प्रणाली और एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म की घोषणा की गई है।
कैंसर के इलाज में उपयोग होने वाली 17 दवाओं पर सीमा शुल्क हटाने का फैसला लिया गया है, जिससे इलाज सस्ता होगा।
सहकारी समितियों को कर राहत देने के प्रावधान भी किए गए हैं।
रक्षा और रेलवे को बड़ी सौगात
रक्षा बजट: लगभग 7.84 लाख करोड़ रुपये का आवंटन, जिसमें पूंजीगत व्यय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी।
रेलवे बजट: वर्ष 2026-27 के लिए 2.77 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा परियोजनाओं को गति मिलेगी।
स्वास्थ्य और पर्यटन को बढ़ावा
स्वास्थ्य मंत्रालय के बजट में लगभग 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।
पर्यटन को रोजगार सृजन का बड़ा जरिया मानते हुए निजी क्षेत्र की भागीदारी से क्षेत्रीय पर्यटन हब विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है।
बजट – एक नजर
आयकर दरों में कोई बदलाव नहीं
पूंजीगत व्यय: 12.2 लाख करोड़ रुपये
रक्षा बजट: 7.84 लाख करोड़ रुपये
रेलवे बजट: 2.77 लाख करोड़ रुपये
एमएसएमई विकास कोष: 10,000 करोड़ रुपये
कैंसर की 17 दवाओं पर सीमा शुल्क समाप्त
राजकोषीय घाटा लक्ष्य: 4.3%
निष्कर्ष:
वित्त वर्ष 2026-27 का बजट लोकलुभावन नहीं बल्कि सुधारों और दीर्घकालिक विकास की दिशा में कदम माना जा रहा है। सरकार का फोकस निवेश, रोजगार, कृषि आय बढ़ाने और भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की रणनीति पर साफ नजर आता है।