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वन माफिया बेलगाम: बरहैनी में रेंजर पर जानलेवा हमला, सरकारी गाड़ी तोड़ी।
वन विभाग की गश्ती टीम पर तस्करों का दुस्साहस, एक कर्मी घायल।
दर्पण न्यूज 24/7 | बाजपुर
बरहैनी वन प्रभाग में वन तस्करों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब वे सीधे राजपत्रित अधिकारियों पर जानलेवा हमले करने से भी नहीं हिचक रहे। बीती 3 जनवरी की रात रेंजर के.एस. मेहरा के नेतृत्व में गश्त पर निकली वन विभाग की टीम पर तस्करों ने हमला कर दिया। घटना में एक वन कर्मी घायल हुआ, जबकि रेंजर की सरकारी कार को पत्थर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
यह सनसनीखेज वारदात मडैयाहदू गांव के गुरुद्वारे के पास उस समय हुई, जब वन विभाग की टीम अवैध लकड़ी की सूचना पर जांच कर रही थी। तभी एक वाहन से पहुंचे तस्करों ने अचानक धावा बोल दिया। आरोप है कि हमलावरों ने गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और जान से मारने की धमकियों के साथ लकड़ी के डंडों से हमला किया, साथ ही सरकारी कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया।
घटना की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को दी गई और डायल 112 पर पुलिस को भी अवगत कराया गया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार हमलावर पुराने और शातिर वन तस्कर हैं, जिन पर पहले से ही वन अपराधों समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद उनका दुस्साहस कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
आरोपियों पर मुकदमा दर्ज
केलाखेड़ा रिपोर्टिंग थाने के प्रभारी धर्मवीर सोलंकी ने बताया कि वन अधिकारियों की तहरीर स्वीकार कर ली गई है और आरोपियों के खिलाफ सक्षम धाराओं में संगीन मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही सख्त और सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी। “कानून हाथ में लेने की किसी को इजाजत नहीं दी जाएगी,” उन्होंने कहा।
मामला दर्ज होने के बाद वन कर्मियों ने राहत की सांस ली है, लेकिन विभाग में आक्रोश और निराशा का माहौल बना हुआ है। वन कर्मियों का कहना है कि यदि राजपत्रित अधिकारी पर हुए इस गंभीर हमले में त्वरित और कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में फील्ड ड्यूटी और भी जोखिमभरी हो जाएगी।
यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था की चुनौती को उजागर करती है, बल्कि यह चेतावनी भी देती है कि समय रहते वन माफियाओं पर सख्त शिकंजा नहीं कसा गया तो सरकारी अमले पर हमले आम होते चले जाएंगे। वन विभाग को अब प्रशासन से ठोस सुरक्षा और त्वरित न्याय की सख्त जरूरत है।