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चाय की दुकान से कैबिनेट मंत्री तक: राम सिंह कैड़ा बने ‘पहाड़ पुत्र’, भीमताल में जश्न की लहर!
आतिशबाजी, मिष्ठान वितरण और विकास की नई उम्मीदों के साथ क्षेत्र में खुशी का माहौल!
दर्पण न्यूज 24/7 ब्यूरो, भीमताल।
भीमताल विधायक राम सिंह कैड़ा के कैबिनेट मंत्री बनने की घोषणा के साथ ही पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल छा गया। भीमताल, ओखलकांडा, धारी और रामगढ़ सहित विभिन्न क्षेत्रों में भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने आतिशबाजी कर खुशी जाहिर की और मिष्ठान बांटकर एक-दूसरे को बधाई दी।
कार्यकर्ताओं ने इस मौके पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि लंबे समय बाद भीमताल क्षेत्र को कैबिनेट में प्रतिनिधित्व मिला है, जिससे अब विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। मंडल अध्यक्ष कमल जोशी, व्यापार मंडल अध्यक्ष पंकज जोशी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता इस उत्सव में शामिल रहे।
ओखलकांडा क्षेत्र में भी जश्न का अनोखा दृश्य देखने को मिला, जहां प्रधान संगठन अध्यक्ष मदन परगाई ने स्कूलों में बच्चों को मिठाई बांटकर खुशी साझा की। वहीं झड़गांव में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी आतिशबाजी कर इस मौके को खास बनाया।
लोगों में जगी विकास की नई उम्मीद
कैड़ा के मंत्री बनने से क्षेत्रीय जनता में विकास को लेकर नई उम्मीद जगी है। स्थानीय लोगों का मानना है कि अब वर्षों से लंबित परियोजनाओं को गति मिलेगी और पहाड़ी क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान तेजी से होगा।
संघर्षों से गढ़ी मजबूत पहचान
15 मार्च 1974 को ओखलकांडा ब्लॉक के कैड़ा गांव में जन्मे राम सिंह कैड़ा का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। किसान परिवार में जन्मे कैड़ा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव में प्राप्त की और आगे की पढ़ाई हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से की। छात्र जीवन में ही उन्होंने राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई और 1999 में छात्रसंघ अध्यक्ष बनकर अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया।
उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान उन्होंने अग्रिम पंक्ति में रहकर संघर्ष किया, जेल गए, लाठियां खाईं और कई आंदोलनों का नेतृत्व किया। यही संघर्ष आगे चलकर उनकी पहचान का आधार बना।
चाय बेचने से सत्ता के शिखर तक का सफर
कैड़ा का सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। भीमताल के डांठ में चाय बेचने से शुरुआत करने वाले कैड़ा ने कठिन परिस्थितियों में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने कांग्रेस से राजनीतिक शुरुआत की, लेकिन 2017 में निर्दलीय चुनाव लड़कर जीत दर्ज की और अपनी लोकप्रियता साबित की।
बाद में 2021 में भाजपा में शामिल होकर उन्होंने 2022 विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल की। जनता के बीच लगातार सक्रिय रहने और जमीन से जुड़े नेता की छवि ने उन्हें प्रदेश की राजनीति में एक मजबूत स्थान दिलाया।
अब ‘पहाड़ पुत्र’ से मंत्री तक
समर्थकों के बीच ‘पहाड़ पुत्र’ के नाम से पहचाने जाने वाले राम सिंह कैड़ा आज उत्तराखंड की राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल हो चुके हैं। उनका यह सफर न सिर्फ राजनीतिक सफलता की कहानी है, बल्कि संघर्ष, समर्पण और जनसेवा की मिसाल भी है।
(दर्पण न्यूज 24/7 – एक्सक्लूसिव रिपोर्ट)

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