सरकारी अस्पताल बदहाल, प्राइवेट अस्पताल मालामाल! हल्दूचौड़ सीएचसी में सुविधाओं का टोटा, जनता बेहाल!
दर्पण न्यूज 24/7 ब्यूरो | प्रमोद बमेटा
लालकुआं।
प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के सरकारी दावे भले ही मंचों और बजट भाषणों में गूंजते हों, लेकिन जमीनी सच्चाई इससे बिल्कुल अलग नजर आती है। लालकुआं विधानसभा क्षेत्र के हल्दूचौड़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) की हालत इसका बड़ा उदाहरण है, जहां आज भी मरीजों को कई मूलभूत सुविधाओं के लिए भटकना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से इस अस्पताल में जरूरी जांच और उपचार सुविधाएं बढ़ाने की मांग की जा रही है। कई बार ज्ञापन दिए गए, आंदोलन हुए और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई गई, लेकिन हालात में खास सुधार देखने को नहीं मिला।
स्वास्थ्य केन्द्र में कई जरूरी सुविधाओं का अभाव होने के कारण मरीजों को मजबूरन हल्द्वानी या बाहरी राज्यों के निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। इसका सीधा फायदा निजी अस्पतालों को मिल रहा है, जबकि आम जनता महंगे इलाज के बोझ तले दब रही है।
सबसे ज्यादा हैरानी की बात यह है कि इतने लंबे समय से समस्या बने रहने के बावजूद चुने हुए जनप्रतिनिधि इस दिशा में अक्सर मूक दर्शक बने नजर आते हैं। जनता का कहना है कि अगर समय रहते ठोस पहल की जाती, तो क्षेत्र के हजारों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं यहीं मिल सकती थीं।
स्वास्थ्य सेवाओं की यह बदहाली केवल हल्दूचौड़ तक सीमित नहीं है। पहाड़ से लेकर मैदान तक कई सरकारी अस्पताल आज भी उपकरणों, विशेषज्ञ डॉक्टरों और आधुनिक जांच सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं।
अब सवाल यह है कि आखिर कब तक जनता सरकारी अस्पतालों की उम्मीद छोड़कर निजी अस्पतालों में लुटने को मजबूर रहेगी?
क्षेत्र के लोग मांग कर रहे हैं कि हल्दूचौड़ सीएचसी में जल्द से जल्द आधुनिक जांच सुविधाएं, पर्याप्त डॉक्टर और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर लोगों का भरोसा फिर से बहाल हो सके।
