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भारत-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट! कुमाऊं की आईजी निवेदिता कुकरेती ने बनबसा बॉर्डर पर संभाला मोर्चा, पुलिस अफसरों को दिए सख्त निर्देश।
सीमा सुरक्षा से लेकर साइबर अपराध, महिला सुरक्षा और नशे के खिलाफ अभियान तक हर मोर्चे पर जीरो टॉलरेंस का संदेश।
प्रमोद बमेटा | दर्पण न्यूज 24/7 | चम्पावत
भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से कुमाऊं परिक्षेत्र की पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती निवेदिता कुकरेती (आईपीएस) ने रविवार को चम्पावत जनपद का दौरा कर बनबसा सीमा चौकी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सीमा पर तैनात पुलिस बल की कार्यप्रणाली, निगरानी व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों का बारीकी से जायजा लिया तथा स्पष्ट शब्दों में कहा कि सीमा पर किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आईजी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि भारत-नेपाल सीमा पर चौबीसों घंटे सतर्क निगरानी रखी जाए, संदिग्ध व्यक्तियों एवं गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाए तथा एसएसबी सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर सीमा सुरक्षा को अभेद बनाया जाए।
निरीक्षण के बाद आईजी ने चम्पावत पुलिस के राजपत्रित अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम, मादक पदार्थों के विरुद्ध अभियान, यातायात प्रबंधन तथा लंबित विवेचनाओं की प्रगति पर गहन समीक्षा की गई।
बैठक में उन्होंने साफ संदेश दिया कि जनता की सुरक्षा और भरोसा ही पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। अपराधियों के खिलाफ त्वरित और प्रभावी कार्रवाई, महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता तथा साइबर अपराधों के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही नशे के कारोबार में लिप्त तत्वों के खिलाफ लगातार और निर्णायक कार्रवाई करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
आईजी निवेदिता कुकरेती ने अधिकारियों से कहा कि पुलिस की कार्यशैली संवेदनशील, पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए। आमजन की शिकायतों का त्वरित समाधान, बेहतर संवाद और निष्पक्ष कार्रवाई से ही पुलिस के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत होगा।
भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा हमेशा से राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील रही है। ऐसे समय में कुमाऊं रेंज की आईजी का स्वयं सीमा क्षेत्र का निरीक्षण करना इस बात का संकेत है कि सुरक्षा एजेंसियां किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं। साथ ही चम्पावत पुलिस को कानून-व्यवस्था, साइबर अपराध और नशे के खिलाफ और अधिक आक्रामक रणनीति अपनाने का स्पष्ट संदेश भी दे दिया गया है।