








हाईकोर्ट ने नैनीताल टैक्सी चालकों और हाट बाजार निविदा प्रकरणों पर अपनाया सख्त रुख!
दो सप्ताह में रिपोर्ट तलब, जिला पंचायत को भी जारी हुआ नोटिस!
दर्पण न्यूज 24/7
संवाददाता : मंजूल चौनाल
नैनीताल। उत्तराखंड के नैनीताल जनपद में स्थानीय टैक्सी चालकों की समस्याओं तथा हाट बाजार निविदा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने गंभीर रुख अपनाया है। न्यायालय की खंडपीठ ने टैक्सी संचालकों की वर्षों पुरानी समस्याओं के समाधान के लिए उच्चाधिकार समिति गठित करते हुए दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, हाट बाजार निविदा प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी के आरोपों पर जिला पंचायत को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार तल्लीताल टैक्सी यूनियन द्वारा अपनी मांगों को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। याचिका में यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद से स्थानीय टैक्सी संचालकों को न तो लेक ब्रिज पास जारी किए जा रहे हैं और न ही संचालन के लिए आवश्यक परमिट प्रदान किए जा रहे हैं।
टैक्सी चालकों का आरोप है कि प्रशासनिक स्तर पर उनकी मांगों की लगातार अनदेखी की गई, जिससे उनके रोजगार और आजीविका पर संकट गहरा गया है। यूनियन का कहना है कि लंबे समय से समस्या का समाधान न होने के कारण स्थानीय टैक्सी व्यवसाय प्रभावित हो रहा है और चालकों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
मामले की सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने स्थिति को गंभीर मानते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि स्थानीय टैक्सी संचालकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
वहीं, हाट बाजार निविदा प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर भी न्यायालय ने जिला पंचायत से जवाब तलब किया है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि निविदा प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी कर पारदर्शिता का पालन नहीं किया गया। इस पर न्यायालय ने जिला पंचायत को नोटिस जारी करते हुए निर्धारित समय के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है।
