








गोला कटाव पर कांग्रेस का हल्लाबोल: “हर साल उजड़ते घर, आखिर कब मिलेगा स्थायी समाधान?”
दर्पण न्यूज 24/7 लालकुआं। मानसून से पहले बिंदुखत्ता क्षेत्र में गोला नदी के बढ़ते कटाव को लेकर सियासत तेज हो गई है। एक ओर तटवर्ती क्षेत्र में रहने वाले हजारों परिवारों में दहशत का माहौल है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने सरकार और स्थानीय विधायक पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए बड़ा धरना प्रदर्शन किया।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में इंदिरा नगर प्रथम, गोला नदी तटवर्ती क्षेत्र में आयोजित धरना-प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं और ग्रामीणों ने कहा कि हर साल बरसात के दौरान गोला नदी का कटाव दर्जनों परिवारों की जिंदगी पर संकट बनकर टूटता है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका।
धरने के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार लालकुआं को सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि गोला तटबंधों का निर्माण कार्य वन विभाग के बजाय सिंचाई विभाग को सौंपा जाए, क्योंकि वर्तमान व्यवस्थाओं में गुणवत्ता की कमी के चलते हर मानसून में आपदा जैसी स्थिति पैदा हो जाती है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्षों से अस्थायी इंतजामों के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। कहीं रेत के कट्टे डाले जाते हैं तो कहीं पैचवर्क कर दिया जाता है, लेकिन तेज बहाव आते ही सभी इंतजाम बह जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि किसानों की उपजाऊ जमीन नदी में समा चुकी है, कई मकानों पर खतरा मंडरा रहा है और सैकड़ों परिवार हर बरसात में रातभर जागकर गुजारने को मजबूर हैं।
धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने स्थानीय विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट से पांच साल का हिसाब मांगते हुए सवाल उठाया कि भू-कटाव रोकने के लिए अब तक कोई ठोस और स्थायी योजना जमीन पर क्यों नहीं उतर सकी। ग्रामीणों ने कहा कि चुनावी मंचों से सुरक्षा और स्थायी समाधान के बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन हालात आज भी जस के तस बने हुए हैं।
ग्रामीणों की पीड़ा उस समय साफ झलक उठी जब कई महिलाओं ने कहा कि “हर साल घर बचाने की लड़ाई लड़ते हैं, लेकिन जिम्मेदार सिर्फ आश्वासन देते हैं।” लोगों ने साफ कहा कि फोटो खिंचवाने और घोषणाओं से कटाव नहीं रुकेगा, इसके लिए मजबूत तटबंध, सुरक्षा दीवारें और दीर्घकालिक इंजीनियरिंग समाधान जरूरी हैं।
ज्ञापन में यह भी मांग उठाई गई कि मानसून सक्रिय होने से पहले अति संवेदनशील क्षेत्रों में मजबूत तटबंध बनाए जाएं तथा दोनों तटों पर बांस के पौधे लगाए जाएं ताकि भू-कटाव को रोका जा सके। साथ ही गोला नदी क्षेत्र के लिए विशेषज्ञों द्वारा तैयार मास्टर प्लान सार्वजनिक करने और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की ठोस नीति लागू करने की मांग भी की गई।
धरना-प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राहुल छिमवाल, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप बथ्याल, कुंदन सिंह मेहता, हेमवती नंदन दुर्गापाल, राजेंद्र सिंह खनवाल, प्रमोद कलोनी, उमेश कबड़वाल, इंदर सिंह पनेरी, प्रकाश कापड़ी, बालम बिष्ट, बीना जोशी, मीना कपिल, उर्मिला धामी, दीपा बिष्ट, माया देवी, फूला देवी समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
