








हादसों से लाल हो रहा हाईवे… अब एनएच अफसरों की होगी जवाबदेही तय!
अंडरपास नहीं, अवैज्ञानिक कट और खतरनाक ब्लैक स्पॉट पर सांसद अजय भट्ट सख्त, एनएच अधिकारियों को फटकार, 3 दिन में दें रिपोर्ट—सांसद प्रतिनिधि लक्ष्मण सिंह खाती की मौजूदगी में होगा संयुक्त स्थलीय निरीक्षण!
हल्द्वानी/लालकुआं। हाईवे पर हादसे होते रहें, ग्रामीण जान जोखिम में डालकर सड़क पार करते रहें और जिम्मेदार महकमा फाइलों में समाधान तलाशता रहे—आखिर कब तक? हल्द्वानी-लालकुआं-पंतनगर राष्ट्रीय राजमार्ग-109 पर अंडरपास की कमी, अवैज्ञानिक कट और लगातार बढ़ते हादसों को लेकर अब नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय भट्ट ने एनएच अधिकारियों को सीधे कठघरे में खड़ा कर दिया है।
गुरुवार को हल्द्वानी स्थित सांसद आवास पर एनएच के उच्चाधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों की बैठक में सांसद ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताते हुए स्पष्ट कर दिया कि जनता की जान-माल की सुरक्षा के मामले में अब न लापरवाही चलेगी और न कागजी खानापूर्ति।
बैठक में क्षेत्रीय जनसमस्या निवारण संघर्ष समिति के मुख्य संयोजक पीयूष जोशी, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि कैलाश भट्ट, ग्राम प्रधान पूजा बिष्ट, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि कार्तिक बमेठा समेत पंचायत प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हाईवे की जमीनी तस्वीर सांसद के सामने रखी।
ग्रामीण पूछ रहे—सुरक्षित रास्ता आखिर मिलेगा कब?
प्रतिनिधियों ने बताया कि हल्दूचौड़, दौलिया, मोटाहल्दू, बेरीपड़ाव और बबरगुमटी जैसे स्थानों पर ग्रामीण लिंक मार्गों और सघन आबादी वाले क्षेत्रों में सुरक्षित क्रॉसिंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। अंडरपास, रोटरी और सर्विस रोड की कमी के कारण ग्रामीणों, किसानों और स्कूली बच्चों को तेज रफ्तार वाहनों के बीच से गुजरना पड़ता है।
सवाल सीधा है—जब आबादी और यातायात दोनों लगातार बढ़ रहे हैं तो सुरक्षित आवागमन की स्थायी व्यवस्था कब होगी?
ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई कि भविष्य में प्रस्तावित वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन के चलते रेलवे फाटकों के बंद होने की स्थिति में कई क्षेत्रों का संपर्क और अधिक प्रभावित हो सकता है। इसको लेकर सांसद को 26 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया।
सांसद की दो-टूक—एसी कमरों से नहीं दिखती हाईवे की हकीकत
ग्रामीणों की शिकायतों और दुर्घटनाओं से जुड़े आंकड़ों को गंभीरता से लेते हुए सांसद अजय भट्ट ने एनएच अधिकारियों की जमकर क्लास ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एसी कमरों में बैठकर हाईवे की तस्वीर न बनाई जाए, बल्कि मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति देखी जाए।
सांसद ने अगले दो से तीन दिनों के भीतर एनएच की तकनीकी टीम को शिकायतकर्ताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ संयुक्त स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
निरीक्षण में हल्दूचौड़, दौलिया, मोटाहल्दू, बेरीपड़ाव और बबरगुमटी समेत चिन्हित ब्लैक स्पॉट की स्थिति देखी जाएगी। इसके बाद ज्ञापन के सभी 26 बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी होगी।
अंडरपास और सर्विस रोड पर मांगा तकनीकी समाधान
सांसद ने विशेष रूप से ग्रेड सेपरेटेड अंडरपास, एलवीयूपी/वीयूपी, सर्विस रोड और सुरक्षित क्रॉसिंग के तकनीकी विकल्पों पर विस्तृत आख्या मांगी है।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि हाईवे पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जिन सुधारात्मक कदमों की जरूरत है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाए। लापरवाही की गुंजाइश नहीं होगी।
सांसद प्रतिनिधि रखेंगे मौके पर नजर
निरीक्षण की गंभीरता को देखते हुए सांसद प्रतिनिधि लक्ष्मण सिंह खाती संयुक्त स्थलीय निरीक्षण के दौरान मौजूद रहेंगे। वह एनएच अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे और यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे कि ग्रामीणों द्वारा उठाए गए मुद्दे महज निरीक्षण की औपचारिकता बनकर न रह जाएं।
अब असली परीक्षा एनएच की
सांसद की सख्ती के बाद गेंद अब एनएच के पाले में है। क्या तीन दिन में रिपोर्ट तैयार होगी? क्या रिपोर्ट में सिर्फ समस्या दर्ज होगी या समाधान की समयसीमा भी तय होगी? क्या वर्षों से उठ रही अंडरपास और सर्विस रोड की मांग जमीन पर उतरेगी?
हाईवे पर सफर करने वाले हजारों ग्रामीणों की नजरें अब एनएच की टीम के स्थलीय निरीक्षण और उसके बाद सामने आने वाली रिपोर्ट पर हैं।
क्योंकि सवाल सिर्फ सड़क का नहीं है…
सवाल है—हाईवे पर अगली जान जाने से पहले जिम्मेदार तंत्र जागेगा या फिर एक और हादसे के बाद वही पुरानी संवेदनाएं और वही कागजी कार्रवाई दोहराई जाएगी?
