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भालू–गुलदार के बढ़ते खतरे पर सख्त हुई धामी सरकार: 20 वन प्रभागों में लगेंगी सोलर लाइटें, मिलेगा आधुनिक उपकरणों का बड़ा पैकेज

देहरादून। उत्तराखंड में भालू और गुलदार की बढ़ती गतिविधियों से पैदा हुए खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और वन मंत्री सुबोध उनियाल की उच्चस्तरीय बैठक के बाद मानव–वन्यजीव संघर्ष से निपटने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने प्रमुख वन संरक्षक को निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश के 20 सबसे अधिक प्रभावित वन प्रभागों में 50-50 सोलर लाइटें लगाई जाएंगी, ताकि अंधेरा होने पर वन्यजीवों को मानव बस्तियों में घुसने से रोका जा सके। साथ ही हर प्रभाग में 25-25 बुश कटर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे घनी झाड़ियों को काटकर खतरे वाले क्षेत्रों को सुरक्षित बनाया जा सके।

मंत्री ने बताया कि आवश्यकता अनुसार फॉक्स लाइट, ट्रैंक्विलाइजर (बेहोश करने वाले उपकरण), सुरक्षा किट और आधुनिक संसाधन भी विभाग को उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई हो सके। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे अपनी उपलब्ध निधि से इन प्रयासों में सहयोग दें, जिससे प्रभावित जनता को समय पर सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जा सकें।

सरकार ने सबसे अधिक प्रभावित जिलों — पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी में वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। ये अधिकारी मैदान में रहकर हालात की लगातार निगरानी करेंगे और किसी भी घटना पर तुरंत हस्तक्षेप सुनिश्चित करेंगे।

वन मंत्री ने कहा कि मानव–वन्यजीव संघर्ष के पीछे के कारणों का वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाएगा, ताकि आने वाले समय में अधिक प्रभावी रणनीति बनाई जा सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि तकनीक, संसाधनों और निरंतर निगरानी की मदद से इस चुनौती पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।

सरकार का दावा है कि सोलर लाइटों, फॉक्स लाइटों, उपकरणों और वैज्ञानिक अध्ययन के जरिए न सिर्फ घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि लोगों में सुरक्षा की भावना भी मजबूत होगी।

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