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मोहान में गुलदार का कहर: एक और महिला की जान गई, 6 लाख के मुआवज़े से क्या लौटेगी ज़िंदगी?
अल्मोड़ा।
अल्मोड़ा वन प्रभाग के अंतर्गत मोहान वन क्षेत्र एक बार फिर गुलदार के खूनी हमले से दहल उठा। गोदी अनुभाग में लंबे समय से गुलदार की सक्रियता की चेतावनी के बावजूद एक गरीब ग्रामीण महिला इसकी भेंट चढ़ गई। यह घटना न केवल वन विभाग की सीमित तैयारियों को उजागर करती है, बल्कि सरकार की संवेदनहीनता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
बीते कुछ समय से गोदी अनुभाग के पानुअद्योखन क्षेत्र में गुलदार की सक्रियता की लगातार सूचनाएं मिल रही थीं। वन विभाग द्वारा गश्त और पिंजरा लगाने जैसे औपचारिक कदम तो उठाए गए, लेकिन ज़मीनी स्तर पर ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकी।
इसी क्रम में 31 दिसंबर 2025 को ग्राम खोलियो क्यारी, पोस्ट टोटम निवासी बचुली देवी (पत्नी कुशल सिंह) की गुमशुदगी की सूचना मिली। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने सघन सर्च अभियान चलाया, जिसके दौरान महिला का शव वन क्षेत्र से बरामद हुआ। आशंका जताई जा रही है कि महिला गुलदार के हमले का शिकार हुई।
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। एसडीओ रानीखेत काकुल पुंडीर ने बताया कि विभागीय प्रावधानों के तहत पीड़ित परिवार को 6 लाख रुपये की अग्रिम सहायता राशि तत्काल प्रदान की गई।
लेकिन सवाल यह है कि क्या 6 लाख रुपये उस परिवार के दर्द, भय और उजड़े जीवन की भरपाई कर सकते हैं?
क्या गुलदार की लगातार सक्रियता के बावजूद ठोस और स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सकता था?
और कब तक पहाड़ के लोग सरकारी लापरवाही और वन्यजीव संघर्ष की कीमत अपनी जान देकर चुकाते रहेंगे?
यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि मुआवज़ा देना सरकार की प्राथमिक प्रतिक्रिया बन चुका है, जबकि जान बचाने की ठोस नीति आज भी कागज़ों में कैद है।

उत्तराखंड