








नैनीताल पुलिस का सख्त संदेश: लापरवाही-नशा बर्दाश्त नहीं, हल्दूचौड़ चौकी प्रभारी शंकर नयाल समेत 42पुलिस कर्मी सम्मानित!
दर्पण न्यूज 24/7 हल्द्वानी। जनपद नैनीताल में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस लाइन नैनीताल में आयोजित मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही और नशे की प्रवृत्ति बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी।
गोष्ठी से पूर्व आयोजित कर्मचारी सम्मेलन में एसएसपी ने पुलिसकर्मियों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए। इसके बाद अपराध समीक्षा बैठक में जनपद की सुरक्षा व्यवस्था, पुलिसिंग के तौर-तरीकों और अपराध नियंत्रण को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले 42 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें व0उ0नि0 रोहिताश सागर, व0उ0नि0 दीपक बिष्ट, एसएसआई गगनदीप सिंह, उपनिरीक्षक शंकर नयाल (हल्दूचौड़ चौकी प्रभारी), उपनिरीक्षक गौरव जोशी, उपनिरीक्षक जगदीप नेगी, उपनिरीक्षक हर्ष पाल, उपनिरीक्षक नवीन लाल चिन्याल, उपनिरीक्षक महेंद्र राज, अपर उपनिरीक्षक महिमन कुमार, अपर उपनिरीक्षक गणेश सिंह राणा, अपर उपनिरीक्षक प्रेम सिंह, अपर उपनिरीक्षक सूरज सिंह, हेड कांस्टेबल इसरार नबी, त्रिलोक सिंह, आदि राज, महेंद्र मेहता, कांस्टेबल धीरज सुगड़ा, चारू जोशी, अमनदीप सिंह, सुनील कुमार, कपूर राणा, राजकुमार कम्बोज, रंजीत सिंह, रोहित टम्टा, मोहन लाल, योगेश जोशी, प्रीतम खाती, विनोद मौर्या, मनोज पंत, बलजीत राणा, राजवीर सिंह, दिलशाद अहमद, महिला कांस्टेबल रमा गिरी, सुनीता रेखाड़ी, फायरमैन भावना कार्की, गरीमा बिष्ट, किशोर फर्तयाल, चालक फायरमैन, आरक्षी जितेंद्र, होमगार्ड डिगर सिंह व अनुचर सईद शामिल रहे।
हल्दूचौड़ चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक शंकर नयाल को उनके उत्कृष्ट कार्य और प्रभावी पुलिसिंग के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा।
एसएसपी ने रात्रि गश्त को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए ‘टोका-टोकी’ रणनीति लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गश्त के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों की सघन जांच की जाए और अराजक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाए। साथ ही सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रात 11 बजे के बाद बाजार बंद कराने के निर्देश भी दिए गए।
पुलिसिंग को आधुनिक और हाई-टेक बनाने के लिए सभी पुलिसकर्मियों के लिए ई-बीट बुक ऐप का उपयोग अनिवार्य किया गया है। हेड कांस्टेबल स्तर से लेकर उच्च अधिकारियों तक डिजिटल माध्यम से डाटा प्रविष्टि और सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही डिजिटल साक्ष्यों के लिए ई-साक्ष्य आईडी के प्रयोग पर भी जोर दिया गया।
नशा तस्करी के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एसएसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नशे के सौदागरों की पूरी सप्लाई चेन को चिन्हित कर तोड़ा जाए और उनके विरुद्ध व्यापक स्तर पर कार्रवाई की जाए। पुराने और आदतन अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलकर उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने तथा आवश्यकतानुसार गैंगस्टर और गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
सोशल मीडिया पर कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर नजर रखने और आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा गया। इसके अलावा ड्यूटी के दौरान अनुशासन बनाए रखने, वर्दी की गरिमा का पालन करने तथा समय-समय पर एल्कोमीटर से जांच करने के निर्देश भी दिए गए।
गोष्ठी में एसपी नैनीताल डॉ. जगदीश चन्द्र, एसपी हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल, एसपी संचार रेवाधर मठपाल, संयुक्त निदेशक (विधि) हीरा सिंह राणा, सीओ हल्द्वानी अमित कुमार, सीओ रामनगर सुमित पांडे, सीओ नैनीताल रविकांत सेमवाल, मुख्य अग्निशमन अधिकारी गौरव किरार, सीओ (प्रशिक्षु) विनय सिंह, अंकित थपलियाल, डीजीसी क्राइम सुशील शर्मा सहित जनपद के सभी थाना, चौकी, शाखा, यातायात, सीपीयू, पीएसी व एसडीआरएफ प्रभारी तथा पुलिस कर्मी उपस्थित रहे।
बैठक में सख्ती और प्रोत्साहन के संतुलन के साथ स्पष्ट संकेत दिया गया कि नैनीताल पुलिस अब अनुशासन, तकनीक और आक्रामक कार्रवाई के माध्यम से अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पूरी तरह तैयार है।
