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नेपाल में सियासी भूचाल, पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली गिरफ्तार!
जेन-जी आंदोलन मामले में कार्रवाई, पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक भी हिरासत में!
दर्पण न्यूज 24/7 काठमांडू। नेपाल की राजनीति में शनिवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को वर्ष 2025 में हुए चर्चित जेन-जी आंदोलन में कथित भूमिका के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। सत्ता परिवर्तन के बाद हुई इस कार्रवाई से देश में सियासी हलचल तेज हो गई है।
पुलिस के अनुसार, ओली के साथ तत्कालीन गृहमंत्री रमेश लेखक को भी हिरासत में लिया गया है। दोनों को काठमांडू में सुबह गिरफ्तार किया गया। फिलहाल उनसे पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
बताया जाता है कि सितंबर 2025 में नेपाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे, जिन्हें जेन-जी आंदोलन के नाम से जाना गया। युवाओं के नेतृत्व में शुरू हुआ यह आंदोलन अचानक हिंसक हो गया था। दो दिनों के भीतर 70 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद तत्कालीन सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे थे। बढ़ते दबाव के बीच ओली सरकार को सत्ता से बाहर होना पड़ा था।
हाल ही में गठित उच्च स्तरीय जांच आयोग की रिपोर्ट में उस समय हालात संभालने में लापरवाही की बात सामने आई है। आयोग ने केपी शर्मा ओली और रमेश लेखक सहित कई अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की है। रिपोर्ट में दोष सिद्ध होने पर अधिकतम 10 वर्ष तक की सजा का प्रावधान बताया गया है।
इधर, नई सरकार का नेतृत्व कर रहे बालेन शाह ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई कानून के तहत की जा रही है और इसमें किसी प्रकार की राजनीतिक भावना नहीं है। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
वहीं, केपी शर्मा ओली ने अपनी गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए इसे अदालत में चुनौती देने की बात कही है। इस कार्रवाई के बाद उनके समर्थकों में नाराजगी देखी जा रही है।
माना जा रहा है कि इस मामले में अन्य कई वरिष्ठ अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है, जिससे आने वाले दिनों में नेपाल की राजनीति में और उथल-पुथल संभव है।

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