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सल्ला भाटकोट की बदहाली पर जिला पंचायत सदस्य शैलजा चम्याल ने सीएम से लगाई गुहार!

नौगांव में महाविद्यालय, धौलछीना में सीएचसी और दूरस्थ गांवों तक सड़क पहुंचाने समेत सात सूत्रीय मांगें उठाईं

दर्पण न्यूज 24/7 | अल्मोड़ा

भैंसियाछाना विकासखंड के जिला पंचायत क्षेत्र-44 सल्ला भाटकोट की मूलभूत समस्याओं को लेकर जिला पंचायत सदस्य शैलजा चम्याल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर क्षेत्र के विकास के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। जिलाधिकारी अल्मोड़ा के माध्यम से भेजे गए पत्र में उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, कृषि, सिंचाई और फल संरक्षण से जुड़ी क्षेत्र की गंभीर समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए इनके शीघ्र समाधान की मांग की है।

जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि क्षेत्र लंबे समय से विकास की बुनियादी सुविधाओं से पिछड़ा हुआ है। इसका सीधा असर ग्रामीणों के जनजीवन, रोजगार, स्वास्थ्य, कृषि, कुटीर उद्योग, सामाजिक सुरक्षा और शिक्षा पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पहाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों में सुविधाओं के अभाव के कारण ग्रामीणों और खासकर युवाओं को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि क्षेत्र में उच्च शिक्षा की सुविधा के लिए नौगांव में महाविद्यालय की स्थापना की जाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में उच्च शिक्षा का कोई संस्थान नहीं होने के कारण छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए 70 से 80 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। महाविद्यालय खुलने से क्षेत्र के युवाओं को बड़ी राहत मिलेगी और उच्च शिक्षा के अवसर भी बढ़ेंगे।

स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी उन्होंने सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। पत्र में कहा गया है कि क्षेत्र में सेराघाट, कनारीछीना और धौलछीना में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं, लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का अभाव है। उन्होंने धौलछीना में सीएचसी स्तर की स्वास्थ्य सुविधा विकसित करने और सेराधार पीएचसी में एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड तथा तकनीशियन की व्यवस्था किए जाने की मांग की है।

जिला पंचायत सदस्य ने क्षेत्र के अतिदूरस्थ गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने की मांग भी उठाई है। उन्होंने तिमुरी, पथ्या, खुडयारी, हटौला, पतलचौरा, भनलगांव, कुंजकिमोला, मल्लीनाली, खाटये, घुन्योली, तरूला और झिरकोट सहित अन्य गांवों तक सड़क पहुंचाने की मांग की, ताकि ग्रामीण विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें।

इसके अलावा जमराड़ी-बेलवालगांव, सल्ला भाटकोट-सुकना पथ्या तथा कनारीछीना-भौरगधेरा-नौगांव मार्ग पर डामरीकरण और पुल निर्माण की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि इन मार्गों के बेहतर होने से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी।

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए उन्होंने क्षेत्र में फल संरक्षण केंद्र स्थापित करने की मांग की है। साथ ही जंगली जानवरों से फसलों को हो रहे नुकसान को देखते हुए कृषि योग्य भूमि में निःशुल्क तारबाड़ योजना लागू करने की मांग भी की गई है।

सिंचाई व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा कि क्षेत्र में वर्षों से बंद पड़ी सिंचाई की गुलों और नहरों को पुनर्जीवित किया जाना जरूरी है। इससे किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी और कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।

जिला पंचायत सदस्य शैलजा चम्याल ने मुख्यमंत्री से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार क्षेत्र की वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान कर ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और कृषि जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस पहल करेगी।

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