तेल संकट की आहट: आरबीआई गवर्नर बोले— हालात नहीं सुधरे तो महंगा होगा पेट्रोल-डीजल
पश्चिम एशिया तनाव का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर गहराया, सरकार कब तक उठाएगी बोझ?
दर्पण न्यूज 24/7 ब्यूरो, नई दिल्ली।
पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव अब भारत की अर्थव्यवस्था पर सीधा दबाव बनाने लगा है। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द सामान्य नहीं हुए, तो देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी लगभग तय मानी जाए।
ज्यूरिख में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और स्विस नेशनल बैंक की ओर से आयोजित 12वें उच्चस्तरीय सम्मेलन में आरबीआई गवर्नर ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। इसके बावजूद केंद्र सरकार अब तक उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए ईंधन की खुदरा कीमतों को स्थिर बनाए हुए है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने ड्यूटी में कटौती और नियंत्रित कीमतों वाली गैस में मामूली बढ़ोतरी जैसे कदम उठाकर बढ़ती लागत का बोझ खुद वहन किया है। लेकिन पिछले 75 दिनों से अधिक समय से जारी वैश्विक संकट ने स्थिति को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
आरबीआई गवर्नर ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि मौजूदा हालात लंबे समय तक बने रहे, तो सरकार के लिए बढ़ती लागत को लगातार अपने स्तर पर संभाल पाना मुश्किल होगा। ऐसे में पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों का असर आम उपभोक्ताओं तक पहुंचना तय माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है तो इसका असर केवल ईंधन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि परिवहन, खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
