सिंचाई विभाग की लापरवाही उजागर: नहरों की सफाई का मलबा किनारे फेंककर छोड़ दिया, किसानों में नाराजगी।
हल्द्वानी।
सिंचाई विभाग की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। क्षेत्र के अनेक पंचायत प्रतिनिधियों ने सिंचाई खण्ड–हल्द्वानी के अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपते हुए विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रतिनिधियों का कहना है कि बड़ी नहरों व माइनर नहरों की सफाई तो शुरू कर दी गई, लेकिन निकला हुआ भारी मलबा—गाद, कचरा, खरपतवार, टूटी दीवारों के पत्थर व मसाला—नहरों के किनारे ही फेंककर छोड़ दिया गया है, जिससे पूरा कार्य अधूरा और बेकार साबित हो रहा है।
पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि इस प्रकार मलबा नहरों के किनारे छोड़ देना सीधी लापरवाही है। थोड़ी सी बारिश या मिट्टी खिसकने पर ये सब वापस नहरों में गिर जाएगा और फिर से नहरें भर जाएंगी। इससे साफ दिखाई देता है कि विभाग केवल “काम दिखाने” के लिए सफाई कर रहा है, न कि किसानों को वास्तविक लाभ देने के लिए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई माइनर नहरें और मुख्य नहरें जगह-जगह टूटी हुई हैं, लेकिन विभाग उनकी मरम्मत की तरफ बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहा। टूटी दीवारों से पानी का रिसाव हो रहा है, जिससे किसानों तक पर्याप्त सिंचाई पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
प्रतिनिधियों ने कहा कि सिंचाई विभाग को चेताने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही और सफाई कार्य भी औपचारिकता बनकर रह गया है।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय रहते मलबा नहीं हटाया गया और नहरों की मरम्मत नहीं की गई, तो किसान आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।
ज्ञापन पर क्षेत्र पंचायत सदस्यों सोनी पंत, कमला दुर्गापाल, चम्पा पाण्डे, भुवन प्रसाद, सचिन कुमार, विकास कुमार, राजेंद्र चन्द्र दुर्गापाल, हरीश चन्द्र, नेहा ओडेजा, कमल भंडारी सहित अन्य प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए हैं।
