सीएम के दरबार पहुंची हल्दूचौड़ अस्पताल की बदहाली, डॉ. कन्याल को न हटाने और स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत करने के दिए निर्देश।
प्रमोद बमेटा!दर्पण न्यूज 24×7 ! देहरादून
लालकुआँ विधानसभा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हल्दूचौड़ की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था अब सीधे मुख्यमंत्री के दरबार तक पहुंच गई है। क्षेत्रीय जनसमस्या निवारण संघर्ष समिति द्वारा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भेजे गए विस्तृत जनहित ज्ञापन पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। इससे क्षेत्रवासियों में उम्मीद जगी है कि लंबे समय से उपेक्षित स्वास्थ्य सुविधाओं में अब सुधार की राह खुलेगी।
समिति ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि सीएचसी हल्दूचौड़ ग्रामीण क्षेत्र की लाखों आबादी का प्रमुख सरकारी अस्पताल है। ऐसे में प्रभारी चिकित्साधिकारी एवं एकमात्र विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. सुधीर कुमार कन्याल का स्थानांतरण, बिना समकक्ष विशेषज्ञ की नियुक्ति के, क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को गंभीर संकट में डाल सकता है।
ज्ञापन में मांग की गई कि डॉ. कन्याल को तब तक कार्यमुक्त न किया जाए, जब तक उनके स्थान पर समान विशेषज्ञता वाले चिकित्सक की नियुक्ति कर कार्यभार ग्रहण नहीं करा दिया जाता। साथ ही अस्पताल में रिक्त चिकित्सकों, स्टाफ नर्सों, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट, रेडियोग्राफर और अन्य कर्मचारियों की तत्काल नियुक्ति करने की भी मांग उठाई गई।
समिति ने मुख्यमंत्री से अस्पताल को भारतीय जन स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप विकसित करने, 24×7 आपातकालीन सेवाएं, आधुनिक एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, ईसीजी, पैथोलॉजी, जीवनरक्षक उपकरण, पर्याप्त दवाइयों और एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग भी रखी।
मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में अस्पताल की बेड क्षमता बढ़ाने, भवन विस्तार, तकनीकी ऑडिट, नियमित समीक्षा, शिकायत निवारण सेल और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ त्रैमासिक समीक्षा बैठकें आयोजित करने का भी प्रस्ताव रखा गया है।
समिति के मुख्य संयोजक पीयूष जोशी ने कहा कि यह किसी व्यक्ति विशेष के समर्थन या विरोध का विषय नहीं, बल्कि क्षेत्र की जनता के स्वास्थ्य अधिकार से जुड़ा मुद्दा है। यदि जनहित की मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं होती है तो समिति लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन, धरना, क्रमिक अनशन और जनजागरण अभियान चलाने को बाध्य होगी।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा ज्ञापन पर संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों से आवश्यक कार्रवाई और रिपोर्ट तलब किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। अब क्षेत्र की जनता की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इन निर्देशों को धरातल पर कितनी तेजी से लागू करता है।
देखना यह है कि अब क्या हल्दूचौड़ अस्पताल को आखिर वह संसाधन मिलेंगे, जिनका इंतजार वर्षों से हो रहा है, या फिर आदेश फाइलों तक ही सीमित रह जाएंगे? क्षेत्र की लाखों जनता को अब जवाब का इंतजार है।
