गौलापार हादसे से द्रवित हुए समाजसेवी शुभम अंडोला, पीड़ित परिवार की मदद को बढ़ाया हाथ
अपने परिवार की ओर से दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता का ऐलान, मित्रों ने भी बढ़ाया सहयोग का हाथ, असहायों की मदद में पहले भी आगे रहे हैं शुभम, तमाम मंचों से हो चुके हैं सम्मानित।
दर्पण न्यूज 24/7। गौलापार क्षेत्र में हुई दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। हादसे में एक परिवार ने अपने कई अपनों को खो दिया। इस हृदयविदारक घटना ने समाजसेवी शुभम अंडोला को भी गहराई तक व्यथित कर दिया। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने की जानकारी सामने आने के बाद शुभम अंडोला ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए पीड़ित परिवार की मदद के लिए बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने अपने परिवार की ओर से दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है।
शुभम अंडोला ने कहा कि हादसे में जिन अपनों को परिवार ने खोया है, उन्हें किसी भी कीमत पर वापस नहीं लाया जा सकता। लेकिन दुख की इस घड़ी में परिवार को आर्थिक संकट से उबारने के लिए समाज जरूर उसके साथ खड़ा हो सकता है। इसी भावना के साथ उन्होंने अपनी ओर से पीड़ित परिवार की मदद करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से जब उन्हें परिवार की आर्थिक स्थिति के बारे में जानकारी मिली तो उनका मन बेहद दुखी हुआ। परिवार ने अपने उन सदस्यों को खो दिया है, जो भविष्य में परिवार की जिम्मेदारियां संभालने वाले थे। ऐसे में आने वाले समय में परिवार के सामने आर्थिक चुनौतियां खड़ी होना स्वाभाविक है। इसी को देखते हुए उन्होंने अपने परिवार की ओर से भोले बाबा के आशीर्वाद और मां लक्ष्मी की कृपा से दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का संकल्प लिया है।
शुभम अंडोला के इस मानवीय प्रयास से प्रेरित होकर उनके मित्र अधिवक्ता प्रकाश सनवाल ने भी अपनी ओर से 50 हजार रुपये तथा उनके दूसरे मित्र अंकित अग्रवाल ने भी 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता पीड़ित परिवार को देने की बात कही है। इस तरह पीड़ित परिवार की सहायता के लिए अब तक कुल तीन लाख रुपये की आर्थिक मदद का संकल्प सामने आया है।
समाजसेवी शुभम अंडोला ने क्षेत्र के सक्षम और संवेदनशील लोगों से भी इस परिवार की मदद के लिए आगे आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी हादसे के बाद शुरुआती दिनों में पीड़ित परिवार के घर बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं और हर कोई अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता है। लेकिन कुछ समय बीतने के बाद लोगों का आना-जाना कम हो जाता है और तब परिवार को वास्तविक संघर्ष का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि “हम उन लोगों को वापस नहीं ला सकते, जिन्हें इस परिवार ने खो दिया है, लेकिन यदि हम सब मिलकर प्रयास करें तो परिवार के भविष्य को जरूर संवार सकते हैं। आज परिवार के साथ खड़ा होना और उसकी आर्थिक मदद करना ही सच्ची संवेदना होगी।”
उन्होंने लोगों से हाथ जोड़कर अपील की कि जिससे जितना संभव हो, वह अपनी सामर्थ्य के अनुसार इस परिवार की आर्थिक मदद जरूर करे। उनका कहना है कि छोटी-छोटी मदद जब सामूहिक रूप से जुड़ती है तो वह किसी जरूरतमंद परिवार के लिए बहुत बड़ा सहारा बन जाती है।
असहायों की मदद में पहले भी आगे रहे हैं शुभम
समाजसेवी शुभम अंडोला का यह पहला मानवीय प्रयास नहीं है। इससे पूर्व भी वह जरूरतमंद, गरीब और असहाय लोगों की मदद
के लिए लगातार आगे आते रहे हैं। जरूरतमंदों की सहायता को उन्होंने केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी माना है। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की मदद करने और संकट की घड़ी में उनके साथ खड़े होने के लिए शुभम अंडोला को विभिन्न सामाजिक मंचों से सम्मानित भी किया जा चुका है।
उनकी समाजसेवा और असहायों की मदद के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें कई मंचों पर सम्मान मिल चुका है। यही वजह है कि गौलापार के पीड़ित परिवार की मदद के लिए उनके द्वारा उठाए गए इस कदम की भी चहुंओर सराहना हो रही है।
लोगों का कहना है कि दुख की इस घड़ी में जब एक परिवार ने अपने कई सदस्यों को खो दिया है, तब उसके भविष्य की चिंता करते हुए आर्थिक सहायता का निर्णय लेना समाज के अन्य सक्षम लोगों के लिए भी प्रेरणा का विषय है। शुभम अंडोला ने जिस तरह स्वयं आगे बढ़कर मदद का हाथ बढ़ाया है, उससे समाज में सहयोग और मानवता की भावना को मजबूती मिलेगी।
गौलापार की इस दर्दनाक घटना ने जहां पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है, वहीं समाजसेवी शुभम अंडोला और उनके मित्रों द्वारा पीड़ित परिवार की मदद के लिए उठाया गया कदम इंसानियत की एक सकारात्मक तस्वीर भी सामने ला रहा है। जरूरत की इस घड़ी में यदि समाज के अन्य लोग भी आगे आते हैं तो निश्चित रूप से यह परिवार अपने दुख से उबरने की दिशा में एक मजबूत सहारा पा सकता है।
