








घी-पनीर की गुणवत्ता पर खाद्य विभाग का शिकंजा, 4 सैंपल लैब भेजे!
सोशल मीडिया की सूचना पर गोवर्धन घी भी जांच के घेरे में, बाजपुर से आ रहे वाहन से पनीर-देसी घी के नमूने लिए!
दर्पण न्यूज 24/7 हल्द्वानी। बाजार में बिक रहे घी और पनीर की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ा जांच अभियान चलाते हुए नगर निगम क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण कर पनीर समेत अलग-अलग ब्रांड के घी के चार नमूने जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजे है।
सहायक खाद्य आयुक्त अजब सिंह रावत के नेतृत्व में पहुंची टीम ने डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता के साथ उनके मानक और लेबलिंग की भी पड़ताल की। अभियान के दौरान बाजपुर से हल्द्वानी आ रहे एक वाहन को रोककर उसमें लाए जा रहे पनीर और देसी घी के नमूने लिए गए। वहीं सोशल मीडिया पर मिली सूचना के बाद गोवर्धन घी का नमूना भी संदेह के आधार पर जांच के लिए उठाया गया। एक डेयरी प्रतिष्ठान से मदर डेयरी घी का सैंपल भी लिया गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी नमूनों को नियमानुसार सील कर प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने से पहले किसी उत्पाद को मिलावटी, अधोमानक या असुरक्षित घोषित नहीं किया जा सकता। प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर ही संबंधित उत्पाद और प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।
यह अभियान खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त की ओर से 7 अगस्त को जारी प्रतिबंधात्मक आदेश के बाद चलाया गया। आदेश में ऐसे अमानकीकृत डेयरी एनालॉग और गैर-दुग्ध उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर रोक लगाई गई है, जो उपभोक्ताओं को असली दुग्ध उत्पाद होने का भ्रम पैदा करते हैं।
सहायक खाद्य आयुक्त अजब सिंह रावत ने कहा कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता से खिलवाड़ करने वालों पर नजर रखने के लिए सैंपलिंग और औचक निरीक्षण का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
अभियान में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी अभय कुमार सिंह समेत विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
