“शीतलहर से निपटने को अलर्ट मोड पर जिला प्रशासन,
रेन बसेरों से लेकर अलाव तक की तैयारियों पर DM का फोकस”।
रूद्रपुर, 18 नवंबर 2025
दर्पण न्यूज 24*7
जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने आगामी शीतलहर से निपटने के लिए सभी विभागों को सजग और सक्रिय रहने के निर्देश दिए। जिले में शीतलहर की तैयारियों की समीक्षा बैठक लेते हुए उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करें।
रेन बसेरों व अलाव की व्यवस्थाएँ दुरुस्त रखने के निर्देश
जिलाधिकारी ने नगर निकाय अधिकारियों को रेन बसेरों में साफ-सफाई, बिजली-पानी, बिस्तर, कंबल और हीटर की पूरी व्यवस्था रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अलाव हेतु स्थान चिन्हित करने, वहाँ नियमित रूप से अलाव जलाने और उनकी जियो टैगिंग फोटोग्राफ्स निर्धारित प्रारूप में आपदा प्रबंधन कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा।
साथ ही रेन बसेरों में “नेकी का घर” स्थापित कर जरूरतमंदों के लिए वस्तुओं की उपलब्धता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अलाव के स्थान बिजली लाइनों, ट्रांसफॉर्मरों और कूड़ा स्थानों के पास नहीं होने चाहिए ताकि दुर्घटनाओं की संभावना न रहे। नगर निकायों को वन विभाग से लंबे समय तक जलने वाली लकड़ियों की खरीद के निर्देश दिए गए।
छात्रावासों में कंबलों की व्यवस्था अनिवार्य
शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया कि सरकारी छात्रावासों एवं विद्यालयों में छात्रों के लिए पर्याप्त कंबलों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। निजी विद्यालयों में भी आपदा प्रबंधन कार्यालय के निर्देशों का अनुपालन अनिवार्य किया जाएगा।
विदेशी पक्षियों के संरक्षण पर सख्ती
जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारियों, पुलिस और पर्यटन विभाग को हरिपुरा व बौर जलाशय क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने को कहा, जहाँ सर्दियों में विदेशी पक्षी आते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग पत्तों में ज़हर डालकर पक्षियों का शिकार करते हैं, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
मरीजों व निराश्रित मवेशियों की भी होगी विशेष व्यवस्था
चिकित्सालयों में मरीजों के साथ आए तिमारदारों के लिए भी अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पशु विभाग को ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में निराश्रित मवेशियों के लिए शेल्टर की व्यवस्था दुरुस्त रखने को कहा गया।
दुर्घटनाएँ रोकने को रिफ्लेक्टर अनिवार्य
जिलाधिकारी ने सड़क हादसों को कम करने हेतु जनपद के सभी मालवाहक वाहनों, गन्ना ढोने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में उच्च गुणवत्ता के रिफ्लेक्टर अनिवार्य करने के निर्देश दिए। इसके लिए पुलिस और गन्ना विभाग को संयुक्त कार्रवाई हेतु कहा गया। औद्योगिक आस्थानों से भी CSR के माध्यम से रिफ्लेक्टर और साइनेज उपलब्ध कराने को कहा गया।
बैठक में कई विभागों के अधिकारी रहे शामिल
बैठक में अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, प्रभागीय वनाधिकारी तराई केंद्रीय यू.सी. तिवारी, मुख्य शिक्षा अधिकारी के.एस. रावत, नगर आयुक्त शिप्रा जोशी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमाशंकर नेगी, जिला प्रोविजन अधिकारी व्योमा जैन, सहायक श्रम आयुक्त अरविंद सिंह, ईई पेयजल सुनील जोशी, विद्युत विभाग से राजीव चक्रवर्ती सहित अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
