

“धामी मॉडल” पर लड़ेगी भाजपा 2027 का रण? महेंद्र भट्ट के बयान से मिले बड़े सियासी संकेत।
सबसे लंबे कार्यकाल वाले मुख्यमंत्री बनने पर भट्ट ने कहा— ‘धामी की ऐतिहासिक उपलब्धि हर कार्यकर्ता के लिए गौरव का विषय’।
प्रमोद बमेटा दर्पण न्यूज 24/7 देहरादून। उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट के एक बयान ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के उत्तराखंड के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड बनने पर भट्ट ने इसे केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए गर्व का क्षण बताया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भट्ट का यह बयान महज बधाई संदेश नहीं, बल्कि 2027 विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा की संभावित रणनीति की झलक भी हो सकता है। जिस तरह पार्टी धामी सरकार के फैसलों और उपलब्धियों को लगातार प्रमुखता से सामने रख रही है, उससे संकेत मिल रहे हैं कि आगामी चुनाव में “धामी मॉडल ऑफ गवर्नेंस” भाजपा के प्रमुख चुनावी नैरेटिव के रूप में उभर सकता है।
महेंद्र भट्ट ने अपने बयान में कहा कि मुख्यमंत्री धामी ने विकास, विरासत और उत्तराखंड की पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य किया है। उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी), सख्त नकल विरोधी कानून, भू-कानून, निवेश, पर्यटन, महिला सशक्तिकरण और धार्मिक-सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण जैसे निर्णयों को ऐतिहासिक बताया।
भाजपा संगठन भी लगातार इन उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने में जुटा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पार्टी चुनावी अभियान के दौरान इन्हीं फैसलों को “धामी मॉडल” के रूप में प्रस्तुत कर जनता से दोबारा जनादेश मांग सकती है।
हालांकि विपक्ष इस दावे को स्वीकार करने के मूड में नहीं है। कांग्रेस बेरोजगारी, महंगाई, पलायन, स्वास्थ्य सुविधाओं और स्थानीय समस्याओं को चुनाव का मुख्य मुद्दा बनाने की तैयारी में है। ऐसे में यह साफ है कि 2027 का चुनाव विकास बनाम जनसरोकारों की बहस के बीच दिलचस्प होने वाला है।
फिलहाल इतना तय माना जा रहा है कि महेंद्र भट्ट के बयान ने भाजपा की भविष्य की चुनावी रणनीति को लेकर अटकलों को और बल दे दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि क्या वास्तव में “धामी मॉडल ऑफ गवर्नेंस” भाजपा का सबसे बड़ा चुनावी चेहरा बनता है या पार्टी कोई नया चुनावी फॉर्मूला सामने लाती है।
