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अमृत स्टेशन योजना से 11 स्टेशन बनेंगे अत्याधुनिक!
दर्पण न्यूज 24/7 | देहरादून।
उत्तराखंड में रेलवे विकास को लेकर केंद्र सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा निवेश किया है। वर्ष 2009–14 के दौरान जहां राज्य को औसतन 187 करोड़ रुपये वार्षिक रेलवे बजट मिलता था, वहीं वर्ष 2026–27 के लिए यह बढ़कर 4,769 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह वृद्धि करीब 26 गुना मानी जा रही है, जिससे राज्य में रेलवे अधोसंरचना को नई गति मिली है।
राज्य में रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए कुल 39,491 करोड़ रुपये के कार्य प्रगति पर हैं। इन योजनाओं के अंतर्गत नए ट्रैक निर्माण, स्टेशनों का पुनर्विकास तथा यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े कार्य शामिल हैं। इससे पर्वतीय राज्य में रेल कनेक्टिविटी को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अमृत स्टेशन योजना के तहत उत्तराखंड के 11 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। इन स्टेशनों पर आधुनिक प्रतीक्षालय, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता और यात्रियों की सुविधा से जुड़े कार्य किए जाएंगे। इस योजना के अंतर्गत 147 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
तेज और आधुनिक ट्रेनों के संचालन से भी राज्य को नई पहचान मिल रही है। वर्तमान में उत्तराखंड के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस की तीन जोड़ी सेवाएं संचालित हो रही हैं, जबकि अमृत भारत एक्सप्रेस की एक जोड़ी ट्रेन भी शुरू की गई है। इससे पर्यटन और व्यापार दोनों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
रेलवे नेटवर्क के विस्तार की बात करें तो वर्ष 2014 के बाद से राज्य में लगभग 76 किलोमीटर नए रेल ट्रैक का निर्माण किया गया है। साथ ही उत्तराखंड में रेलवे लाइनों का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा कर लिया गया है। इस अवधि में कुल 334 किलोमीटर रेल लाइनों का विद्युतीकरण किया गया है। इसके अलावा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 106 फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण भी किया गया है।
रेल दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रस्तावित ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली के तहत राज्य में 54 रेल किलोमीटर क्षेत्र स्वीकृत किया गया है। हालांकि फिलहाल इस योजना के अंतर्गत कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। आने वाले समय में इसके लागू होने से रेल यात्रियों की सुरक्षा और अधिक मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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