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दूषित पानी से बीमारी के बीच स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, ज्योलिकोट में घर-घर दस्तक!

94 घरों में पहुंची स्वास्थ्य टीमें, 113 लोगों की स्क्रीनिंग; 90 ब्लड सैंपल लिए, 3900 क्लोरीन टैबलेट बांटीं!

दर्पण न्यूज 24×7 | नैनीताल, 9 सितंबर।
ज्योलिकोट और आसपास के क्षेत्रों में जलजनित रोगों की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी तेज कर दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत के निर्देश पर स्वास्थ्य टीमों ने प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के साथ ही स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से जांच और उपचार की व्यवस्था को मजबूत किया है।

स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने बुधवार को 94 घरों का भ्रमण कर 113 लोगों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की। इस दौरान लोगों को ओआरएस, जिंक और क्लोरीन की गोलियां वितरित की गईं। वहीं 90 लोगों के ब्लड सैंपल जांच के लिए लिए गए। प्रभावित क्षेत्रों में आशाओं और स्वास्थ्य टीमों के माध्यम से करीब 3,900 क्लोरीन टैबलेट भी वितरित की गईं।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांजा, वीरभट्टी, बेलुवाखान, सरियाताल, ज्योलिकोट, भल्यूटी और चोपड़ा में स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। शिविरों में ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच करने के साथ आवश्यक दवाएं और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया गया।

पीएचसी ज्योलिकोट में 98 मरीजों की जांच

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में बुधवार को 98 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। इनमें आवश्यकता के अनुसार सात मरीजों को भर्ती किया गया। विभाग का कहना है कि पीएचसी ज्योलिकोट को सुदृढ़ किया गया है और रोस्टर के अनुसार प्रतिदिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

10 सितंबर को विशेषज्ञ डॉक्टर देंगे ओपीडी सेवा

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 10 सितंबर को सेंट्रल हॉस्पिटल हल्द्वानी के डॉ. हर्षित जोशी (फिजिशियन) और डॉ. सोनाली पांडे (गैस्ट्रोलॉजिस्ट) प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में ओपीडी सेवाएं देंगे। विभाग ने क्षेत्र के लोगों से विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है।

जरूरत पड़ने पर बड़े अस्पतालों में रेफर होंगे मरीज

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता होगी, उन्हें बेस अस्पताल हल्द्वानी, बीडी पांडे जिला चिकित्सालय नैनीताल अथवा सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय रेफर किया जाएगा। मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने में स्वास्थ्य विभाग आवश्यक सहयोग करेगा।

वहीं निजी अस्पताल में उपचार की आवश्यकता पड़ने पर आयुष्मान कार्ड और आयुष्मान योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पतालों में उपचार की सुविधा दिलाने में भी विभाग सहयोग करेगा।

जलजनित रोगों को लेकर संवेदनशील बने ज्योलिकोट क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की बढ़ी निगरानी से फिलहाल प्रभावित इलाकों में चिकित्सा सेवाओं और जांच व्यवस्था को लगातार सक्रिय रखने पर जोर दिया जा रहा है।

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