सड़क पर मौत का खेल और बिंदुखत्ता से अधिकारों की छीनाझपटी—पूर्व मंत्री हरीश दुर्गापाल का सरकार पर करारा हमला।
दर्पण न्यूज 24/7
लालकुआं/नैनीताल।
प्रदेश की भाजपा सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की कथित लापरवाही को लेकर पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल ने एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। बरेली रोड पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं और बिंदुखत्ता के लोगों से उनके अधिकार छीने जाने के मुद्दे पर उन्होंने सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए तीखा हमला बोला है।
पूर्व मंत्री दुर्गापाल ने जिलाधिकारी नैनीताल को पत्र भेजकर बरेली रोड (बबूरगुमटी से गोरापड़ाव) क्षेत्र में सड़क सुरक्षा की गंभीर खामियों को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में एनएचएआई की घोर लापरवाही के चलते आमजन की जान खतरे में है। सर्विस रोड का न होना, अव्यवस्थित कट और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के अभाव में सड़क हादसे लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार आंख मूंदे बैठे हैं।
उन्होंने बताया कि बबूरगुमटी, हल्दूचौड़, बेरीपड़ाव, मोटाहल्दू और मोतीनगर जैसे क्षेत्रों में कॉलेज, अस्पताल, स्कूल, धार्मिक स्थल, बैंक और बाजार स्थित हैं। भारी आवाजाही के बावजूद सुरक्षा मानकों की अनदेखी सरकार और एनएचएआई की संवेदनहीनता को दर्शाती है। कई बार जनप्रतिनिधियों द्वारा शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होना जनआक्रोश को और भड़का रहा है।
वहीं दूसरी ओर, बिंदुखत्ता के मुद्दे पर भी पूर्व मंत्री दुर्गापाल ने भाजपा सरकार की नीति को जनविरोधी करार दिया है। वन अधिकार अधिनियम के तहत बिंदुखत्ता की पत्रावली को वापस भेजे जाने और राजस्व गांव की घोषणा को विलोपित किए जाने पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने साफ कहा कि भाजपा की दोहरी नीति के कारण बिंदुखत्ता की जनता को एक बार फिर आंदोलन के रास्ते पर धकेला जा रहा है।
पूर्व कैबिनेट मंत्री ने दो टूक कहा कि कांग्रेस बिंदुखत्ता वासियों के हर संघर्ष में उनके साथ खड़ी है। कांग्रेस की सत्ता में वापसी होते ही बिंदुखत्ता को राजस्व गांव या नगर पालिका का दर्जा देकर लोगों को मालिकाना हक दिलाया जाएगा। उन्होंने दमुआढूंगा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां नगर पालिका बनने के बाद राजस्व गांव की प्रक्रिया आगे बढ़ी और सर्वे कार्य पूरा हुआ।
दुर्गापाल ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि सड़क सुरक्षा हो या बिंदुखत्ता का अधिकार—जनहित के इन मुद्दों पर लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार को जवाब देना होगा, क्योंकि जनता अब सब देख और समझ रही है।
