खबरें शेयर करें -

इलाज का केंद्र बना खतरे का घर!

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बदहाली की कगार पर, मरीजों की जान पर मंडरा रहा बड़ा खतरा!
दर्पण न्यूज 24/7 ब्यूरो!
कालाढूंगी। विधानसभा क्षेत्र के मुख्य नगर कालाढूंगी में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आज खुद “बीमार” नजर आ रहा है। क्षेत्र की हजारों की आबादी के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का यह प्रमुख केंद्र घोर अव्यवस्थाओं, लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता का जीता-जागता उदाहरण बन चुका है।
अस्पताल परिसर में चारों ओर झाड़-कबाड़ और कूड़ा-कचरा फैला हुआ है। गंदगी के कारण जहां बदबू और संक्रमण का खतरा बना हुआ है, वहीं मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के भवन और आवासीय परिसर की हालत भी बेहद जर्जर हो चुकी है। छतों और आंगनों में पेड़-पौधे उग आए हैं, जिससे यह परिसर किसी सरकारी अस्पताल से ज्यादा परित्यक्त भवन जैसा प्रतीत होता है।
खुले बिजली उपकरण, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा!
सबसे चिंताजनक स्थिति अस्पताल के भीतर देखने को मिल रही है, जहां मरीजों की आवाजाही के बीच बिजली के उपकरण खुले पड़े हैं। इनसे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है, लेकिन इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन आंख मूंदे बैठा है। मरीजों की सुरक्षा के साथ इस तरह का खिलवाड़ गंभीर सवाल खड़े करता है।
डॉक्टरों की कमी, जांच सेवाएं ठप!
स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति भी बदहाल है। अस्पताल में महिला चिकित्सक और हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। मजबूरन मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। वहीं लेब टेक्नीशियन का तबादला होने के बाद से कई महीनों से जांच सेवाएं पूरी तरह ठप हैं, जिससे समय पर जांच और उपचार संभव नहीं हो पा रहा।

पालिका अध्यक्ष ने जताई नाराजगी!
अस्पताल निरीक्षण के दौरान पालिका अध्यक्ष रेखा कत्यूरा ने बदहाली पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही हालात नहीं सुधरे, तो यह स्वास्थ्य केंद्र केवल नाम का रह जाएगा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से तत्काल सुधार की मांग की, ताकि जनता को सुरक्षित और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।
प्रभारी चिकित्साधिकारी का दावा!
अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मदन बौनाल ने बताया कि प्रबंध समिति की बैठक में सभी समस्याओं पर चर्चा की जा चुकी है और जल्द ही सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।
सवाल यह है कि कब सुधरेगी व्यवस्था?
अब देखने वाली बात यह होगी कि स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन कब नींद से जागता है और कालाढूंगी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को बदहाली से बाहर निकालकर जनता को राहत देता है।
📰 दर्पण न्यूज 24/7
सच की आवाज, जनता के साथ

उत्तराखंड