खबरें शेयर करें -

गैस सिलेंडर की कालाबाजारी पर सख्ती: देहरादून में कंट्रोल रूम स्थापित, 72 गैस एजेंसियां प्रशासन के रडार पर
दूरभाष और व्हाट्सएप नंबर जारी, शिकायत मिलते ही होगी कार्रवाई!
देहरादून (दर्पण न्यूज 24/7)। जनपद में एलपीजी गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने तथा कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी सविन बंसल ने आयल कंपनियों के पदाधिकारियों और गैस एजेंसी संचालकों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए कि गैस वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जिला पूर्ति अधिकारी प्रतिदिन आपदा कंट्रोल रूम में आयल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ निर्धारित समय तक बैठकर गैस वितरण, स्टॉक बैकलॉग और प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करेंगे तथा उनका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करेंगे।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार एलपीजी गैस वितरण में घरेलू उपभोक्ताओं को पहली प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। घरेलू गैस सिलेंडरों की ओटीपी आधारित होम डिलीवरी प्रणाली को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
ऑनलाइन बुकिंग में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा आने की स्थिति में गैस एजेंसियां अपने संपर्क नंबर जारी करते हुए मैन्युअल बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराएंगी। एजेंसी संचालकों ने बताया कि एक बार बुकिंग होने के बाद अगली बुकिंग 25 दिन बाद ही संभव होगी। इस संबंध में उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए एजेंसियों पर सूचना फ्लैक्सी लगाने और बल्क एसएमएस के माध्यम से जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले में एलपीजी सिलेंडर से संबंधित शिकायतों और सूचनाओं के त्वरित समाधान के लिए आपदा कंट्रोल रूम में विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। किसी भी प्रकार की समस्या, सूचना या शिकायत दर्ज कराने के लिए नागरिक 1077, 0135-2626066 और 0135-2726066 नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा व्हाट्सएप नंबर 7534826066 भी जारी किया गया है।
प्राप्त शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और ईंधन का उपयोग समझदारी से करें। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिले में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि जनपद की सभी 72 गैस एजेंसियों के गोदाम अब प्रशासन की निगरानी में हैं, और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उत्तराखंड