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महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य कार्यालय पर सूचना अधिकार नियमों की अनदेखी के आरोप, डिजिटल माध्यम के बावजूद वसूला जा रहा प्रति पृष्ठ शुल्क।

देहरादून।

राज्य के महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कार्यालय पर सूचना का अधिकार कानून के नियमों की अनदेखी के गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि आवेदकों द्वारा जानकारी को कॉम्पैक्ट डिस्क अथवा डिजिटल वीडियो डिस्क जैसे डिजिटल माध्यम में मांगे जाने के बावजूद विभाग कागजी प्रतियां उपलब्ध कराने के नाम पर प्रति पृष्ठ दो रुपये की दर से शुल्क वसूल रहा है।

मामले में यह भी सामने आया है कि सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 तथा उत्तराखंड सूचना अधिकार नियमावली 2013 में स्पष्ट प्रावधान न होने के बावजूद विभाग द्वारा 50 से 100 रुपये तक अतिरिक्त डाक शुल्क भी मनमाने तरीके से लिया जा रहा है। इससे आवेदकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

इस प्रकरण को उजागर करने वाले भीमताल निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व कृषि अधिकारी  चंद्र शेखर जोशी ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि जब आवेदक स्पष्ट रूप से डिजिटल माध्यम में सूचना चाहते हैं, तब विभाग द्वारा कागजी प्रतियों का शुल्क लेना नियमों की भावना के विपरीत है।

उन्होंने बताया कि राज्य के चिकित्सा सचिव कार्यालय द्वारा भी डिजिटल माध्यम में सूचनाएं उपलब्ध कराई गईं, लेकिन वहां भी प्रति पृष्ठ शुल्क लिया गया, हालांकि डाक शुल्क नहीं लिया गया। वहीं, कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग द्वारा नियम 6 (ग) के अनुरूप डिजिटल वीडियो डिस्क में सूचना उपलब्ध कराई गई, जहां न तो प्रति पृष्ठ शुल्क लिया गया और न ही कोई अतिरिक्त डाक शुल्क वसूला गया।

सूचना अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि एक ही राज्य सरकार के अलग-अलग विभागों द्वारा नियमों की अलग-अलग व्याख्या पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े करती है। वर्ष 2005 में लागू कानून और वर्ष 2013 की नियमावली के बावजूद कई लोक सूचना अधिकारी अब भी नियमों को लेकर स्पष्ट नहीं हैं और अपने-अपने तरीके से कार्य कर रहे हैं।

श्री जोशी ने शासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा सभी विभागों में एक समान और नियमसम्मत व्यवस्था लागू करने की मांग की है, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक शुल्क और परेशानी से राहत मिल सके। अब देखना होगा कि शासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।

उत्तराखंड