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टपकती छत, झड़ता मलबा और डर के साये में पढ़ाई,सरकारी दावों की पोल खोलता अल्मोड़ा का ये प्राथमिक स्कूल।

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दर्पण न्यूज 24/7अल्मोड़ा।
बेहतर शिक्षा और सुरक्षित स्कूल भवनों के सरकारी दावों के बीच हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। विकास खंड भैसियाछाना के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय तल्ला सेराघाट की स्थिति बेहद दयनीय हो चुकी है, जहां बच्चे हर दिन खतरे के साये में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
जिला पंचायत सदस्य शैलजा चम्याल द्वारा जिलाधिकारी को भेजे गए प्रार्थना पत्र में स्कूल भवन की जर्जर हालत को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। पत्र के अनुसार हाल ही में हुई अतिवृष्टि के चलते स्कूल की छत से सीमेंट, रेत और कंकड़ गिर रहे हैं। हालत इतनी खराब है कि छत के भीतर लगे लोहे के सरिए तक बाहर दिखाई देने लगे हैं।
स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे, शिक्षक और अभिभावक भय के माहौल में हैं। किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है, जिससे जनहानि की आशंका बनी हुई है। इस खौफनाक स्थिति के बीच शिक्षण कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
शैलजा चम्याल ने प्रशासन से मांग की है कि मौजूदा भवन को तत्काल ध्वस्त कर नए स्कूल भवन का निर्माण कराया जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिल सके। उन्होंने इस मामले की प्रतिलिपि जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) को भी भेजी है।
सवाल यह है कि जब सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, तब जमीनी स्तर पर इस तरह के हालात आखिर क्यों बने हुए हैं?
यह मामला न सिर्फ एक स्कूल की बदहाली का है, बल्कि उन दावों पर भी सवाल खड़ा करता है, जिनमें हर बच्चे को सुरक्षित और बेहतर शिक्षा देने की बात कही जाती है।

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