रील्स से शुरू हुआ इश्क, उजड़ गया परिवार: इंस्टाग्राम की दुनिया में खोई मां, तीन मासूमों को छोड़ प्रेमी संग चली गई!
दर्पण न्यूज 24/7 | प्रमोद बमेटा
पिथौरागढ़। सोशल मीडिया जहां लोगों को जोड़ने का माध्यम बन रहा है, वहीं कई बार यही आभासी दुनिया परिवारों के बिखरने की वजह भी बन जाती है। ऐसा ही एक मामला पिथौरागढ़ जिले में सामने आया है, जहां इंस्टाग्राम पर रील बनाते-बनाते तीन बच्चों की मां को एक युवक से प्यार हो गया और वह अपने पति तथा तीन मासूम बच्चों को छोड़कर प्रेमी के साथ हरियाणा चली गई।
जानकारी के अनुसार जिले के एक गांव की रहने वाली महिला की इंस्टाग्राम के माध्यम से कनालीछीना क्षेत्र के एक युवक से दोस्ती हुई थी। शुरुआत में सामान्य बातचीत धीरे-धीरे गहरे प्रेम संबंध में बदल गई। बताया जा रहा है कि इसी दौरान महिला ने अपने परिवार से दूरी बनानी शुरू कर दी और एक दिन मौका मिलते ही पति व तीन बच्चों को छोड़कर प्रेमी के साथ चली गई।
मां के अचानक घर छोड़ देने से तीनों बच्चे बेसहारा होकर रोते-बिलखते रहे। परिवार ने काफी तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस से मदद मांगी। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर महिला की तलाश शुरू की।
काफी प्रयासों के बाद पुलिस टीम ने महिला को हरियाणा में खोज निकाला। हालांकि जब पुलिस ने उसे वापस घर लौटने के लिए कहा तो महिला ने साफ इनकार कर दिया। उसने अपनी मर्जी से प्रेमी के साथ रहने की इच्छा जताई।
मामले की पुष्टि करते हुए एसआई ललित डंगवाल ने बताया कि महिला बालिग है और कानून के अनुसार किसी बालिग महिला को उसकी इच्छा के विरुद्ध वापस नहीं लाया जा सकता। वहीं सीओ गोविंद बल्लभ जोशी ने बताया कि महिला ने टीम के सामने जल्द घर लौटने की बात कही है। फिलहाल वह हरियाणा में अपने परिचितों और रिश्तेदारों की देखरेख में रह रही है।
सोशल मीडिया का दूसरा चेहरा
यह घटना केवल एक प्रेम प्रसंग नहीं, बल्कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव का भी उदाहरण है। विशेषज्ञों का मानना है कि आभासी रिश्तों की चमक कई बार वास्तविक जिम्मेदारियों पर भारी पड़ जाती है। ऐसे मामलों में सबसे अधिक असर उन मासूम बच्चों पर पड़ता है, जिनका बचपन माता-पिता के निर्णयों की कीमत चुकाने को मजबूर हो जाता है।
जागरूकता का संदेश
सोशल मीडिया का उपयोग सोच-समझकर और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। डिजिटल दुनिया में बनने वाले रिश्तों के पीछे भागते समय परिवार, बच्चों और सामाजिक जिम्मेदारियों को नजरअंदाज करना कई जिंदगियों को प्रभावित कर सकता है। यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि आभासी आकर्षण और वास्तविक जीवन की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है।
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