खबरें शेयर करें -

राजस्व ग्राम नहीं बना तो 30-40 हजार मतदाता करेंगे चुनाव बहिष्कार!
बिंदुखत्ता पहुंचे सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन, कल तहसील में धरने का एलान!
लालकुआं। बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा देने और पंचायत चुनाव में भागीदारी का अधिकार दिलाने की मांग को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। शनिवार को एसआईआर की जांच के सिलसिले में बिंदुखत्ता पहुंचे सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास को ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि 2027 के विधानसभा चुनाव की अधिसूचना से पहले राजस्व ग्राम का दर्जा नहीं मिला तो क्षेत्र के 30 से 40 हजार मतदाता चुनाव बहिष्कार कर सकते हैं।
इंदिरानगर में पूर्व सैनिक रमेश जोशी के नेतृत्व में ग्रामीणों और पूर्व सैनिकों ने निर्वाचन अधिकारी, देहरादून के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी हंसा दत्त पांडेय और तहसीलदार लालकुआं ईश्वर सिंह भी मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने कहा कि बिंदुखत्ता के 32 गांव राजस्व ग्राम न होने के कारण यहां के लोग लोकसभा और विधानसभा चुनाव में मतदान करते हैं, लेकिन पंचायत चुनाव में प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य चुनने का अधिकार नहीं है। उनका कहना है कि राजस्व ग्राम का दर्जा न होने से क्षेत्र को सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों का अपेक्षित लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार वन अधिकार अधिनियम के तहत प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद राजस्व ग्राम घोषित नहीं किया गया है। मांग को लेकर 15 अगस्त से पदयात्रा चल रही है। अब 27 सितंबर कल को तहसील परिसर में बड़ा धरना-प्रदर्शन प्रस्तावित है।
ग्रामीणों ने निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से शासन से जल्द बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित कर पंचायत चुनाव में मतदान का अधिकार देने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में रमेश जोशी, विक्रम धामी, राजेश भट्ट, गणेश पांडे, दयाकिशन जोशी और रमेश भट्ट समेत अन्य ग्रामीण शामिल रहे।

उत्तराखंड