

दाखिल-खारिज और प्रमाणपत्रों के सत्यापन हेतु अब जाना होगा मौके पर!
लेखपालों की रिपोर्ट पर कसेगी निगरानी, फोटो और आगे जीपीएस से होगी सत्यापन की पुष्टि।
हल्द्वानी, 26 सितंबर। दाखिल-खारिज तथा जाति, स्थायी निवास, आय और ईडव्लूएस जैसे प्रमाणपत्रों के लिए अब कागजी सत्यापन पर्याप्त नहीं होगा। संबंधित लेखपाल या पटवारी को मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करना होगा। मंडलायुक्त दीपक रावत ने कुमाऊं मंडल के सभी जिलाधिकारियों को इसके कड़ाई से पालन के निर्देश दिए हैं।
मंडलायुक्त ने कहा कि कुछ मामलों में बिना स्थलीय सत्यापन के रिपोर्ट दिए जाने की सूचनाएं मिली हैं। इससे गलत दाखिल-खारिज, भूमि विवाद और अपात्र लोगों को प्रमाणपत्र जारी होने की आशंका रहती है। ऊधमसिंह नगर में ऐसे मामले सामने आने का भी उन्होंने उल्लेख किया।
नई व्यवस्था के तहत निरीक्षण के दौरान मौके से फोटो लिए जाएंगे और उन्हें संबंधित पत्रावली या ऑनलाइन आवेदन से जोड़ा जाएगा। फोटो में स्थल की पहचान के साथ तारीख और समय भी दर्ज होना चाहिए।
उन्होंने बताया कि भविष्य में स्थलीय निरीक्षण को जीपीएस या जियो-कोऑर्डिनेट के माध्यम से प्रमाणित करने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे यह पुष्टि हो सकेगी कि संबंधित कर्मचारी वास्तव में मौके पर पहुंचा था।
जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आवश्यक सत्यापन के बिना रिपोर्ट स्वीकार न की जाए। राजस्व अधिकारियों से नियमित पर्यवेक्षण और आकस्मिक जांच भी कराई जाएगी। लापरवाही मिलने पर संबंधित कर्मचारी की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
