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बिंदुखत्ता के हक की लड़ाई को अजय भट्ट का समर्थन!

बोले—जनभावनाओं के साथ खड़ी है सरकार, जल्द कैबिनेट में आ सकता है प्रस्ताव!

हल्द्वानी। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिए जाने की वर्षों पुरानी मांग एक बार फिर सियासी और प्रशासनिक केंद्र में आ गई है। नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सांसद एवं पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट ने आंदोलनरत ग्रामीणों की मांग का समर्थन करते हुए कहा है कि बिंदुखत्ता की जनभावनाओं के साथ पूरी सरकार खड़ी है और मामले में जल्द सकारात्मक परिणाम आने की उम्मीद है।

अजय भट्ट ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में वन मंत्री सुबोध उनियाल से दूरभाष पर वार्ता की है। उनके अनुसार वन मंत्री ने भी मामले में जल्द सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया है। सांसद ने कहा कि राज्य सरकार मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द इसे कैबिनेट के समक्ष लाने और प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिए जाने का मुद्दा वे पूर्व में लोकसभा में भी उठा चुके हैं। ग्रामीणों की ओर से लंबे समय से की जा रही मालिकाना हक की मांग को जायज बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार जनभावनाओं के अनुरूप समाधान की दिशा में प्रयास कर रही है।

दो समितियां कर रहीं मामले का परीक्षण!

सांसद के मुताबिक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले के समाधान के लिए वन मंत्री की अध्यक्षता में एक समिति तथा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में दूसरी समिति गठित की है। दोनों समितियों द्वारा मामले का परीक्षण किया जा रहा है। अजय भट्ट ने उम्मीद जताई कि इन प्रयासों के बाद बिंदुखत्ता के हजारों ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग को लेकर ठोस निर्णय सामने आएगा।

हालांकि, ग्रामीणों की निगाहें अब आश्वासनों से आगे सरकार के लिखित निर्णय और धरातल पर कार्रवाई पर टिकी हैं। वर्षों से राजस्व गांव के दर्जे की मांग कर रहे ग्रामीणों के लिए अब सवाल यही है कि समितियों के परीक्षण और राजनीतिक समर्थन के बाद यह मामला कब कैबिनेट तक पहुंचता है और कब वास्तविक निर्णय में बदलता है।

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