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विधायक से नाराजगी के बीच किसान महासभा ने छेड़ा सदस्यता अभियान, राजस्व गांव मुद्दे पर भाजपा को घेरा!
दर्पण न्यूज 24/7 लालकुआं। बिंदुखत्ता में राजस्व गांव के मुद्दे को लेकर स्थानीय विधायक के प्रति बढ़ती नाराजगी के बीच अखिल भारतीय किसान महासभा ने बुधवार से व्यापक सदस्यता अभियान शुरू कर दिया। महासभा ने भाजपा सरकार और विधायक पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि भूमि अधिकार और राजस्व गांव का मामला जल्द हल नहीं हुआ तो आगामी विधानसभा चुनाव में जनता जवाब देगी।
अभियान की शुरुआत इंद्रानगर प्रथम से की गई। महासभा के प्रदेश अध्यक्ष आनन्द सिंह नेगी ने कहा कि भाजपा सरकार और लालकुआं विधायक ने वर्षों से बिंदुखत्ता की जनता को राजस्व गांव के नाम पर छलने का काम किया है। पहले घोषणा को ठंडे बस्ते में डालना, फिर चुनावी समय में उसे दोबारा उठाना और वनाधिकार समिति बनाकर लोगों को भ्रमित करना केवल राजनीतिक खेल है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गंभीर है तो विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर बिंदुखत्ता, बागजाला समेत वन भूमि पर बसे लोगों को मालिकाना हक देने का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा जाए और चुनाव से पहले राजस्व गांव बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
महासभा नेता किशन सिंह बघरी ने आरोप लगाया कि विधायक लगातार अपना रुख बदल रहे हैं। कभी वनाधिकार तो कभी निर्वनीकरण की बात कर जनता को गुमराह किया जा रहा है, लेकिन अब क्षेत्र की जनता सब समझ चुकी है।
महासभा ने घोषणा की कि सदस्यता अभियान के दौरान राजस्व गांव, गौला तटबंध, आवारा गोवंश, प्रदूषित पेयजल, मगरमच्छों के आतंक और बदहाल सड़कों जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। संगठन ने एक माह में 10 हजार सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा है। अभियान के बाद बिंदुखत्ता में किसान महासभा का सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा।
इस दौरान नैन सिंह कोरंगा, पुष्कर दुबड़िया, विमला रौथाण, निर्मला शाही, त्रिलोक राम, खीमनाथ गोस्वामी, शांति देवी मनराल समेत कई लोग मौजूद रहे।