








वायरल ऑडियो से फिर भड़का अंकिता कांड, उत्तराखंड की सड़कों पर उबाल — CBI जांच और फांसी की मांग तेज।
देहरादून।
अभिनेत्री उर्मिला सनावर के सोशल मीडिया पर वायरल हुए कथित ऑडियो के सामने आने के बाद अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड में गुस्सा एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ऑडियो में कुछ बड़े नेताओं के नाम सामने आने के बाद लोगों का आक्रोश फूट पड़ा है और अंकिता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर राज्यभर में प्रदर्शन तेज हो गए हैं।
ऋषिकेश स्थित वनंतरा रिजॉर्ट, जहां अंकिता काम करती थी, एक बार फिर विवाद के केंद्र में आ गया है। वर्ष 2022 में बुलडोजर कार्रवाई झेल चुके इस रिजॉर्ट को लेकर प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि हत्याकांड के अहम सबूत मिटाने के उद्देश्य से कार्रवाई की गई थी। कथित वीआईपी मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग को लेकर मूल निवास भू-कानून संघर्ष समिति के बैनर तले कांग्रेस सहित कई संगठनों ने रिजॉर्ट का घेराव किया।
उधर, कांग्रेस पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी प्रदेश के कई हिस्सों में प्रदर्शन कर मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग दोहराई। ऋषिकेश में कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना के नेतृत्व में माजरा से शिमला चौक तक जोरदार नारेबाजी के साथ जुलूस निकाला गया और केंद्र व प्रदेश सरकार का पुतला दहन किया गया। इस दौरान वार्ड पार्षद जाहिद अंसारी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
देहरादून में महानगर अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी के नेतृत्व में श्रम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश कौशल और यमुना कॉलोनी के कार्यकर्ताओं ने यमुना कॉलोनी चौक पर प्रदर्शन किया। समिति संयोजक मोहित डिमरी ने घोषणा की कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए आगामी 30 दिसंबर को देहरादून में सर्वदलीय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी।
समिति की महिला प्रकोष्ठ संयोजिका कुसुम जोशी, प्रवक्ता हिमांशु रावत, यमकेश्वर प्रभारी सुदेश भट्ट सहित अन्य वक्ताओं ने भी न्याय की मांग को मुखरता से उठाया।
पूर्व विधायक ओमगोपाल रावत ने कहा कि यह मामला सिर्फ अंकिता का नहीं, बल्कि उत्तराखंड की मातृशक्ति की अस्मिता से जुड़ा है और जब तक न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।
