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हाईकोर्ट के बड़े फैसले: राठौर को नहीं मिली राहत, असिस्टेंट लाइब्रेरियनों को मिली उम्मीद, किच्छा फार्म विवाद में सुरक्षा के आदेश।

दर्पण न्यूज 24×7 | नैनीताल

नैनीताल हाईकोर्ट ने सोमवार को कई महत्वपूर्ण मामलों में अहम आदेश पारित किए। पूर्व विधायक सुरेश राठौर की अग्रिम जमानत याचिका पर तत्काल राहत देने से इनकार करते हुए राज्य सरकार से 8 जुलाई तक स्टेटस रिपोर्ट मांगी गई है। वहीं सरकारी डिग्री कॉलेजों के असिस्टेंट लाइब्रेरियनों के वेतनमान संशोधन के मामले में सरकार को नए सिरे से विचार करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा किच्छा स्थित कुलसुम खान फार्म विवाद में पीड़ित पक्ष को सुरक्षा उपलब्ध कराने के आदेश भी जारी किए गए।

राठौर को अग्रिम जमानत पर फिलहाल राहत नहीं

हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति आलोक महरा की एकलपीठ ने पूर्व विधायक सुरेश राठौर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए फिलहाल कोई राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने राज्य सरकार को 8 जुलाई तक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

सुनवाई के दौरान राठौर की ओर से कहा गया कि उनके खिलाफ देहरादून के डालनवाला और नेहरू कॉलोनी थानों में दो मुकदमे दर्ज हैं। उनका तर्क था कि पुलिस द्वारा सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे गिरफ्तारी की आशंका बनी हुई है। मामला अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी के नाम पर आपत्तिजनक ऑडियो-वीडियो प्रसारित करने और भाजपा नेता दुष्यंत गौतम की छवि धूमिल करने के आरोपों से जुड़ा है।

असिस्टेंट लाइब्रेरियनों के वेतनमान पर सरकार करेगी पुनर्विचार

राज्य के सरकारी डिग्री कॉलेजों में कार्यरत असिस्टेंट लाइब्रेरियनों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने सरकार द्वारा उनके वेतनमान संशोधन का दावा खारिज करने वाले आदेश में कमियां पाते हुए पूरे मामले को पुनर्विचार के लिए वापस भेज दिया।

याचिकाकर्ताओं का कहना था कि वे उच्च शैक्षणिक योग्यता रखने के बावजूद कैटलॉगर के समान ग्रेड पे प्राप्त कर रहे हैं, जबकि असिस्टेंट लाइब्रेरियन पद पदोन्नति का पद है।

हाईकोर्ट ने माना कि सरकार ने दोनों पदों की शैक्षणिक योग्यता और जिम्मेदारियों के अंतर पर पर्याप्त विचार नहीं किया। अदालत ने याचिकाकर्ताओं को तीन सप्ताह के भीतर नया प्रतिवेदन देने और राज्य सरकार को आठ माह के भीतर कानून के अनुरूप सहानुभूतिपूर्वक नया निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं।

किच्छा फार्म विवाद: हाईकोर्ट ने सुरक्षा देने के दिए निर्देश

किच्छा स्थित कुलसुम खान फार्म पर कथित जबरन कब्जे के मामले में भी हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश दिए हैं। न्यायालय ने उधमसिंह नगर के जिलाधिकारी और एसएसपी को निर्देश दिया कि पीड़ित पक्ष को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।

सुनवाई के दौरान एसडीएम किच्छा गौरव पांडे और एसएचओ रवि कुमार अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए और बताया कि याचिकाकर्ता को कब्जा दिलाने के साथ सुरक्षा भी उपलब्ध करा दी गई है।

यह मामला सिकंदर आलम खान की याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया। विवादित फार्म पर मालिकाना हक को लेकर प्रियंका गांधी वाड्रा की जेठानी नसरीन सांगा और दूसरे पक्ष के बीच विवाद चल रहा है। अदालत ने राज्य सरकार सहित अन्य पक्षों को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

 

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