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“आयुर्वेद” की आड़ में मौत का कारोबार!

दिनेशपुर में नकली दवा फैक्ट्री पर छापा, एलोपैथिक दवाओं की मिलावट से तैयार हो रही थी “शुगर की दवा”

फैक्ट्री से हिरण की 7 सींगें भी बरामद, स्वास्थ्य के साथ वन्यजीव अपराध का भी खुलासा

दर्पण न्यूज 24/7 | रुद्रपुर/दिनेशपुर

उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जनपद में लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले नकली दवा माफियाओं का बड़ा काला खेल उजागर हुआ है। दिनेशपुर क्षेत्र में प्रशासन की संयुक्त टीम ने ऐसी फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है, जहां “आयुर्वेदिक औषधि” के नाम पर जहरीला कारोबार चल रहा था। यहां शुगर और मधुमेह की कथित आयुर्वेदिक दवाओं में एलोपैथिक दवाओं की मिलावट कर मरीजों को मौत का धीमा जहर परोसा जा रहा था।

उपजिलाधिकारी गदरपुर ऋचा सिंह के नेतृत्व में जिला आयुर्वेदिक अधिकारी, ड्रग इंस्पेक्टर, पुलिस और वन विभाग की टीम ने फैक्ट्री पर ताबड़तोड़ छापा मारा। कार्रवाई के दौरान करीब 7.5 कुंतल नकली आयुर्वेदिक दवाएं और लगभग 70 हजार रुपये की एलोपैथिक दवाएं बरामद की गईं।

जांच में खुलासा हुआ कि एलोपैथिक दवाओं को आयुर्वेदिक दवाओं में मिलाकर “शुगर कंट्रोल” की नकली दवा तैयार की जा रही थी। यह केवल धोखाधड़ी नहीं बल्कि सीधे-सीधे लोगों की जान से खिलवाड़ था। लैब जांच में मिलावट की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने फैक्ट्री को सील कर दिया।

छापे में खुला एक और काला राज

कार्रवाई के दौरान वन विभाग को फैक्ट्री परिसर से हिरण की 7 कटी हुई सींगें भी बरामद हुईं। इससे साफ हो गया कि यह नेटवर्क सिर्फ नकली दवाओं तक सीमित नहीं, बल्कि वन्यजीव अपराध से भी जुड़ा हुआ है। वन विभाग ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अलग से कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। प्रशासन अब इस पूरे नेटवर्क के तार खंगालने में जुट गया है।

बड़ा सवाल — आखिर कब से चल रहा था यह खेल?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर स्वास्थ्य विभाग की आंखों के सामने यह मौत का कारोबार कब से फल-फूल रहा था? कितने मरीज इन नकली दवाओं का सेवन कर चुके हैं? कितनों की सेहत पर इसका दुष्प्रभाव पड़ा होगा? आयुर्वेद जैसी भरोसेमंद चिकित्सा पद्धति की आड़ में चल रहे इस गोरखधंधे ने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

उप जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि जनपद में लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। नकली दवा माफियाओं के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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