चारपाई बना एंबुलेंस, सड़क तक बीमार पहुंचाना मजबूरी
तीन किमी की खड़ी चढ़ाई पार कर इलाज तक पहुंच रहे शिमाला के ग्रामीण ।
दर्पण न्यूज 24/7
भीमताल।
पहाड़ों में आज भी सड़क सुविधा कई गांवों तक सपना बनी हुई है। जिला मुख्यालय से महज 30 किमी दूर ग्राम पंचायत जंगलिया के शिमाला तोक के ग्रामीण इसी पीड़ा को रोज़ जी रहे हैं। सड़क न होने के कारण यहां रहने वाले लोग तीन किमी की खड़ी चढ़ाई पैदल पार कर मुख्य मार्ग तक पहुंचने को मजबूर हैं।
स्थिति तब और भयावह हो जाती है, जब कोई बीमार पड़ जाए। हाल ही में गांव के एक युवक का पैर फ्रैक्चर हो गया। इलाज के लिए उसे चारपाई पर लिटाकर ग्रामीणों ने कंधों पर उठाते हुए मुख्य सड़क तक पहुंचाया। इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है।
ग्रामीणों में इस समस्या को लेकर भारी रोष है। ग्राम प्रधान राधा कुल्याल ने बताया कि शिमाला तोक के लिए सड़क की मांग करते-करते वह थक चुकी हैं। कई बार संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक ठोस पहल नहीं हुई।
उन्होंने बताया कि हाल ही में भीमताल क्षेत्र पंचायत की बैठक में सड़क निर्माण की मांग को पुरजोर तरीके से उठाया गया। इस पर पीएमजीएसवाई ज्योलीकोट के अधिकारियों ने जानकारी दी कि आगामी अप्रैल माह में टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ग्राम प्रधान ने चेतावनी दी कि यदि अप्रैल तक भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन को मजबूर होंगे।
सड़क के अभाव में चारपाई ही एंबुलेंस बन रही है और शिमाला के ग्रामीण आज भी विकास की मुख्यधारा से कटे हुए हैं।
