








संकल्प सेवा का हो तो छोटी पहल भी बन जाती है बड़ी उम्मीद!
शुभम अंडोला के हीरा एंड टी आर चैरिटेबल ट्रस्ट ने पहली बार बढ़ाया मदद का हाथ, हादसे से जूझ रहे परिवार को सौंपी ₹21 हजार की सहायता राशि!
शांतिपुरी उधम सिंह नगर।
जब सेवा केवल शब्द नहीं, बल्कि संकल्प बन जाए तो छोटी-सी पहल भी किसी के कठिन समय में बड़ी उम्मीद बन जाती है। समाजसेवी शुभम अंडोला द्वारा अपने मम्मी-पापा के नाम और उनके आशीर्वाद से बनाए गए हीरा एंड टी आर चैरिटेबल ट्रस्ट ने इसी संकल्प के साथ अपनी सेवा यात्रा की पहली शुरुआत एक जरूरतमंद परिवार की मदद से की।
सोमवार के पावन दिन ट्रस्ट की ओर से शांतिपुरी निवासी हेमा जोशी की बेटी विद्या को ₹21,000 की पहली सहायता राशि सौंपी गई। खास बात यह रही कि यह सहायता राशि शुभम अंडोला के मम्मी-पापा के हाथों से प्रदान की गई।
दरअसल, हेमा जोशी बीती 2 सितंबर को हुए हादसे के बाद मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। करीब 15 वर्ष पहले उनके पति का निधन हो चुका है। परिवार में दो बेटियां हैं और परिवार की जिम्मेदारी हेमा जोशी ही संभाल रही थीं। वह पंतनगर-नगला क्षेत्र में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में नौकरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही थीं। ऐसे में हादसे ने परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है।
मुश्किल की इस घड़ी में हेमा जोशी की बेटी विद्या और भतीजे अमन ट्रस्ट के कार्यालय पहुंचे, जहां उन्हें ₹21 हजार की सहायता राशि सौंपी गई। राशि भले ही छोटी हो, लेकिन उस परिवार के लिए यह मदद ऐसे समय में पहुंची है जब उन्हें आर्थिक सहयोग के साथ-साथ यह भरोसा भी चाहिए कि संकट की घड़ी में समाज उनके साथ खड़ा है।
शुभम अंडोला के लिए जरूरतमंदों की मदद कोई नई बात नहीं है। वह पूर्व में भी निजी स्तर पर कई जरूरतमंद और असहाय लोगों की मदद करते रहे हैं, लेकिन जरूरतमंदों की सहायता के उद्देश्य से बनाए गए हीरा एंड टी आर चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से यह किसी पीड़ित परिवार को दी गई पहली सहायता है।
ट्रस्ट की शुरुआत भी उन्होंने अपने मम्मी-पापा के नाम और उनके आशीर्वाद से की है। यही वजह रही कि ट्रस्ट की पहली सहायता राशि भी उन्होंने अपने माता-पिता के हाथों से दिलवाकर सेवा के इस संकल्प को पारिवारिक संस्कारों से जोड़ दिया।
शुभम अंडोला ने कहा कि किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाने से बड़ी कोई सेवा नहीं हो सकती। ट्रस्ट का प्रयास रहेगा कि जहां भी कोई जरूरतमंद परिवार कठिन परिस्थिति में मिले, वहां अपनी सामर्थ्य के अनुसार मदद का हाथ बढ़ाया जाए।
उन्होंने मित्रों, शुभचिंतकों और ट्रस्ट से जुड़े लोगों का आभार जताते हुए कहा कि समाज के लोगों का विश्वास और सहयोग ही इस सेवा अभियान को आगे बढ़ाने की ताकत है। उन्होंने लोगों से हेमा जोशी के परिवार की मदद के लिए आगे आने की अपील भी की। ट्रस्ट की ओर से हेमा जोशी का क्यूआर कोड साझा किया गया है, जिसके माध्यम से इच्छुक लोग सीधे भी उनकी मदद कर सकते हैं।
हीरा एंड टी आर चैरिटेबल ट्रस्ट की यह पहली सहायता भले ही ₹21 हजार की हो, लेकिन इसके पीछे का संकल्प इससे कहीं बड़ा है। यह उस सोच की शुरुआत है जिसमें किसी जरूरतमंद की मजबूरी को केवल खबर या परेशानी मानकर छोड़ने के बजाय उसके साथ खड़े होने की कोशिश की जा रही है।
एक परिवार मुश्किल में है, एक हाथ मदद के लिए आगे बढ़ा है और सेवा की यह पहली पहल शायद आने वाले समय में कई जरूरतमंद परिवारों के लिए उम्मीद की वजह बने।
