खबरें शेयर करें -

हल्द्वानी में महिला ब्लागरों की लड़ाई से मचा बवाल, देवभूमि की मर्यादा पर सवाल — पहाड़ी आर्मी का हल्लाबोल, सख्त कानून की मांग!
दर्पण न्यूज 24/7 हल्द्वानी।
सोशल मीडिया पर बढ़ती अभद्रता और हाल ही में हल्द्वानी में दो महिला ब्लागरों के बीच हुई सार्वजनिक लड़ाई को लेकर अब सामाजिक संगठनों में भी आक्रोश बढ़ने लगा है। इस पूरे घटनाक्रम को देवभूमि उत्तराखंड की छवि पर दाग बताते हुए पहाड़ी आर्मी महिला मोर्चा ने सख्त रुख अपनाया है और सरकार से कड़े कानून बनाने की मांग की है।
जिला अध्यक्ष प्रेमा मेर की अध्यक्षता में आयोजित आपात बैठक में कहा गया कि सोशल मीडिया पर व्यूज और लाइक्स की होड़ में कुछ लोग अभिव्यक्ति की आजादी का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। हाल ही में हल्द्वानी में दो महिला ब्लागरों के बीच हुई तीखी बहस और सार्वजनिक विवाद का वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसने प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक मर्यादा पर सवाल खड़े कर दिए।
प्रेमा मेर ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड अपनी संस्कृति, शालीनता और संस्कारों के लिए जानी जाती है, लेकिन सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा और विवादित व्यवहार इस छवि को धूमिल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं द्वारा इस तरह की भाषा और व्यवहार समाज के लिए गलत संदेश देता है और इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
बैठक में जिला उपाध्यक्ष नीमा भट्ट और अंजू पांडेय ने भी चिंता जताते हुए कहा कि महिलाएं समाज की पहली शिक्षक होती हैं, लेकिन आज सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने की होड़ में मर्यादाओं को ताक पर रखा जा रहा है। यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं लगाया गया तो यह प्रवृत्ति समाज के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
नगर अध्यक्ष कविता जीना ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और ब्लॉगर्स को भी आत्मसंयम बरतने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि कुछ लाइक्स और फॉलोअर्स के लिए राज्य की प्रतिष्ठा को दांव पर लगाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
पहाड़ी आर्मी ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैल रही अराजकता को रोकने के लिए स्पष्ट गाइडलाइन और सख्त कानून बनाए जाएं। साथ ही ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि देवभूमि की गरिमा और सामाजिक मर्यादा सुरक्षित रह सके।