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होलाष्टक से खग्रास चंद्रग्रहण तक: आचार्य त्रिभुवन उप्रेती ने बताया होली पर्व का पूर्ण ज्योतिषीय विधान, जानें चीर बंधन, होलिका दहन और शुभ मुहूर्त!
दर्पण न्यूज 24/7 हल्द्वानी। होली पर्व को लेकर इस वर्ष ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष परिस्थितियां बन रही हैं। संस्कार ज्योतिष भाग्य दर्पण, नया बाजार हल्दूचौड़ के आचार्य पंडित त्रिभुवन उप्रेती ने होलाष्टक प्रारम्भ, चीर बंधन, आंवला एकादशी, होलिका दहन और खग्रास चंद्रग्रहण से जुड़े सभी महत्वपूर्ण मुहूर्त एवं धार्मिक निर्णयों की विस्तृत जानकारी दी है।
आचार्य उप्रेती के अनुसार 24 फरवरी 2026 से होलाष्टक प्रारम्भ होगा। इसी दिन पिथौरागढ़ जिले के प्रसिद्ध श्री महाकाली मंदिर, गंगोलीहाट में परंपरानुसार चीर बंधन किया जाएगा। यह परंपरा होली उत्सव के औपचारिक शुभारम्भ का प्रतीक मानी जाती है।
उन्होंने बताया कि 27 फरवरी 2026, शुक्रवार को आंवला एकादशी व्रत रखा जाएगा। इस दिन ग्रामीण क्षेत्रों में चीर बंधन, ध्वजारोहण तथा रंग धारण की परंपरा निभाई जाएगी। रंग पड़ने, चीर बंधन और ध्वजारोहण का शुभ मुहूर्त प्रातः 11 बजकर 32 मिनट से पहले रहेगा। इसके बाद प्रातः 11:32 बजे से रात्रि 10:33 बजे तक भद्रा काल रहने के कारण शुभ कार्य वर्जित माने जाएंगे।
होलिका दहन को लेकर विशेष निर्णय
इस वर्ष होलिका दहन को लेकर ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष स्थिति बन रही है। आचार्य उप्रेती ने बताया कि 03 मार्च को प्रदोष काल में पूर्णिमा तिथि उपलब्ध नहीं होने तथा उसी दिन खग्रास चंद्रग्रहण होने के कारण 02 मार्च 2026 को ही होलिका दहन करना उचित रहेगा।
होलिका दहन का शुभ समय
सायं 06 बजकर 09 मिनट से रात्रि 08 बजकर 39 मिनट तक रहेगा।
वहीं भद्रा का पुच्छकाल रात्रि 01 बजकर 26 मिनट से 02 बजकर 35 मिनट तक रहेगा।
03 मार्च को खग्रास चंद्रग्रहण, सूतक रहेगा प्रभावी
आचार्य उप्रेती के अनुसार 03 मार्च 2026 को खग्रास चंद्रग्रहण लगेगा, जो सायंकाल 06 बजकर 17 मिनट पर दिखाई देगा। ग्रहण का स्पर्श दोपहर 03:20 बजे, मध्य 05:03 बजे और मोक्ष सायं 06:47 बजे होगा।
इस ग्रहण का सूतक काल प्रातः 06 बजकर 20 मिनट से प्रारम्भ हो जाएगा। सूतक काल में सभी धार्मिक एवं शुभ कार्य वर्जित रहेंगे।
04 मार्च को मनाई जाएगी कुमाऊनी होली छरड़ी
कुमाऊं की पारंपरिक परंपरा के अनुसार चैत्र कृष्ण प्रतिपदा, 04 मार्च 2026, बुधवार को होली छरड़ी मनाई जाएगी। इस दिन लोग एक-दूसरे को रंग लगाकर होली पर्व का समापन करते हैं।
राशि अनुसार शुभ रंग
आचार्य उप्रेती ने होली पर्व पर राशि अनुसार शुभ रंग धारण करने की भी सलाह दी है—
मेष: लाल, नारंगी, गुलाबी
वृष: सफेद, पीला
मिथुन: हरा, आसमानी
कर्क: सफेद, पीला, हरा
सिंह: लाल, गुलाबी
कन्या: हरा, लाल, नीला
तुला: सफेद, हरा, बैंगनी
वृश्चिक: गुलाबी, लाल, नारंगी
धनु: पीला, सफेद, लाल
मकर: बैंगनी, नीला
कुंभ: नीला, सफेद, हरा
मीन: पीला, लाल, सफेद
आचार्य पंडित त्रिभुवन उप्रेती ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि सभी धार्मिक कार्य शुभ मुहूर्त और परंपराओं के अनुसार करें, जिससे होली पर्व सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आए।
— दर्पण न्यूज 24/7

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