छात्रवृत्ति के नाम पर करोड़ों का खेल! ईडी के शिकंजे में फंसे बीजेपी के ये बड़े नेता, 14 करोड़ की संपत्ति जब्त!
SC/ST छात्रवृत्ति घोटाले में बड़ा एक्शन, फर्जी छात्रों के नाम पर 29 करोड़ रुपये हड़पने का आरोप!
देहरादून/मेरठ। उत्तराखंड के बहुचर्चित एससी-एसटी छात्रवृत्ति घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भाजपा नेता एवं उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र भारद्वाज से जुड़े तीन शैक्षणिक संस्थानों की करीब 14 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर ली है। कार्रवाई उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों राज्यों में की गई है।
ईडी की जांच के अनुसार धर्मेंद्र भारद्वाज पर फर्जी छात्रों के नाम पर छात्रवृत्ति की रकम हासिल कर करीब 29 करोड़ रुपये के घोटाले में शामिल होने का आरोप है। यह मामला मेरठ स्थित महावीर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी समेत अन्य शिक्षण संस्थानों से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि धर्मेंद्र भारद्वाज ने आरोपों से खुद को अलग बताते हुए कहा है कि संबंधित शिक्षण संस्थानों की प्रबंधन समितियों से उनका कोई संबंध नहीं है।
प्रवर्तन निदेशालय वर्ष 2020 से धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामले की जांच कर रहा है। जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। एजेंसी के अनुसार छात्रवृत्ति के 6,208 दावों की जांच में 2,895 दावे फर्जी पाए गए, जो कुल लाभार्थियों का लगभग 46.63 प्रतिशत है। इनमें बड़ी संख्या ऐसे छात्रों की थी जो परीक्षा में अनुपस्थित रहे, असफल हो गए या फिर उनकी पात्रता ही संदिग्ध पाई गई। इसके बावजूद उनके नाम पर छात्रवृत्ति की राशि जारी होती रही।
ईडी ने बताया कि उसने हरिद्वार और रुड़की में स्थित सावधि जमा, भूमि तथा शैक्षणिक संस्थानों की इमारतों सहित कुल 13.83 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क करने का छठा आदेश जारी किया है।
मामला वर्ष 2011-12 से 2016-17 के बीच अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्रों को दी जाने वाली पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति से जुड़ा है। उत्तराखंड पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू हुई जांच में छात्रवृत्ति राशि के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग और फर्जीवाड़े के आरोप सामने आए थे।
ईडी का कहना है कि इस घोटाले से राज्य सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ, जबकि आरोपी व्यक्तियों और उनसे जुड़ी संस्थाओं को अवैध आर्थिक लाभ पहुंचा। मामले में आगे भी कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
