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छात्रवृत्ति घोटाले पर हाईकोर्ट सख्त, केंद्र-राज्य सरकार से 10 दिन में शपथपत्र तलब।
(दर्पण न्यूज 24/7) ब्यूरो।
नैनीताल। प्रदेश के कई निजी कॉलेजों द्वारा फर्जी छात्रों के नाम पर एससी/एसटी छात्रवृत्ति के करोड़ों रुपये के गबन मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने केंद्र और राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि वे इस प्रकरण में दस दिन के भीतर शपथपत्र दाखिल कर स्थिति स्पष्ट करें।
यह निर्देश इंटरनेशनल पब्लिक वेलफेयर सोसायटी द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिए गए। याचिका में आरोप लगाया गया है कि केंद्र सरकार द्वारा एससी/एसटी छात्रों की शिक्षा हेतु दी जाने वाली छात्रवृत्ति को कई निजी कॉलेजों ने छात्रों तक न पहुंचाकर फर्जी नामों के आधार पर खुद हड़प लिया।
कोर्ट को बताया गया कि इस घोटाले से जुड़े 156 से अधिक मुकदमे दर्ज हो चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी प्रभावी सुनवाई नहीं हो पाई है। सुनवाई के दौरान जब कोर्ट ने केंद्र सरकार के अधिवक्ता से महालेखाकार द्वारा ऑडिट को लेकर सवाल किया, तो यह सामने आया कि अब तक कोई ऑडिट नहीं कराया गया है।
मंगलवार को हुई सुनवाई में राज्य सरकार के समाज कल्याण विभाग ने शपथपत्र दाखिल कर बताया कि मामले की जांच जारी है और अब तक की जांच रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की जा चुकी है। इस पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि वह समाज कल्याण विभाग द्वारा दाखिल शपथपत्र पर अपनी आपत्तियां अलग से शपथपत्र के माध्यम से पेश करे।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि छात्रवृत्ति जैसे संवेदनशील विषय में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता गंभीर अपराध है और इसकी पारदर्शी व निष्पक्ष जांच अनिवार्य है। अब मामले की अगली सुनवाई में केंद्र व राज्य सरकार के जवाब पर कोर्ट की कड़ी नजर रहेगी।

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