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“मैं हारी नहीं… इस्तीफा क्यों दूं?” — ममता के बयान से बंगाल की सियासत में भूचाल!
दर्पण न्यूज 24/7 कोलकाता/नई दिल्ली।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद सियासी पारा अचानक चढ़ गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एक बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। हार की चर्चाओं के बीच उन्होंने दो टूक कहा— “मैं हारी नहीं हूं, इसलिए इस्तीफा भी नहीं दूंगी।”
यह बयान आते ही न सिर्फ राजनीतिक बहस तेज हो गई, बल्कि संवैधानिक पहलुओं पर भी चर्चा शुरू हो गई है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने चुनाव परिणामों पर सवाल उठाते हुए भारतीय जनता पार्टी पर बड़ा आरोप जड़ा। उन्होंने दावा किया कि “100 सीटों की चोरी की गई है” और उनकी असली लड़ाई भाजपा से ज्यादा भारत निर्वाचन आयोग से रही।
ममता ने काउंटिंग सेंटर पर अपने साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट के आरोप लगाते हुए चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े किए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वे जनादेश का सम्मान करती हैं, लेकिन चुनावी गड़बड़ियों के खिलाफ कानूनी लड़ाई जारी रखेंगी।
उधर, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव परिणाम के बाद परंपरा के तहत नेताओं को पहले जनादेश स्वीकार कर मतदाताओं का आभार जताना चाहिए। ऐसे में ममता का यह तेवर कई लोगों को जनता के फैसले से असहमति के संकेत के रूप में दिख रहा है।
संवैधानिक विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत में मुख्यमंत्री को इस्तीफा राज्यपाल को सौंपना होता है। अनुच्छेद 164 के तहत राज्यपाल मुख्यमंत्री की नियुक्ति करते हैं और नई सरकार के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। यदि कोई मुख्यमंत्री इस्तीफा देने से इनकार करता है, तो राज्यपाल उनसे इस्तीफा मांग सकते हैं और जरूरत पड़ने पर पद से हटा भी सकते हैं।
वहीं, असाधारण परिस्थितियों में अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन लागू करने का विकल्प भी मौजूद रहता है, हालांकि मौजूदा हालात में नई सरकार गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना अधिक मानी जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ममता बनर्जी का यह आक्रामक रुख आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति को और गर्मा सकता है। विपक्ष जहां इसे मुद्दा बनाकर हमलावर होगा, वहीं तृणमूल कांग्रेस इसे सियासी साजिश बताकर जवाबी हमला कर सकती है।
फिलहाल, निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ममता बनर्जी आगे क्या कदम उठाती हैं और बंगाल में सत्ता का अगला अध्याय किस दिशा में आगे बढ़ता है।

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